भारत के स्वदेशी उपग्रह नौवहन प्रणाली (आईआरएनएसएस) के पहले चरण के लिये आवश्यक सात उपग्रहों की श्रृंखला के सातवें और आखिरी उपग्रह आईआरएनएसएस-1जी के प्रक्षेपण की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
इसे बृहस्पतिवार को आंध्र प्रदेश के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र श्रीहरिकोटा से अपराह्न 12:50 बजे उपग्रह प्रक्षेपण यान पीएसएलवी सी-33 से प्रक्षेपित किया जाएगा।
इसरो अधिकारियों के अनुसार इन सातों नौवहन उपग्रह की कुल लागत 1420 करोड़ रुपये है। इस प्रणाली के सक्रिय होने के बाद देश के 1500 किलोमीटर के दायरे में 15 से 20 मीटर तक की सटीक पोजिशनिंग सेवाएं मिलने लगेंगी।
अभी तक इस श्रृंखला के सात में से छह उपग्रहों (आईआरएनएसएस-1ए, 1बी, 1सी, 1डी, 1ई और 1एफ) का प्रक्षेपण हो चुका है। पहले छह अभियानों की तरह सातवें उपग्रह के प्रक्षेपण के लिए भी इसरो पीएसएलवी के विस्तारित संस्करण का उपयोग करेगा। प्रक्षेपण के साथ ही भारत क्षेत्रीय उपग्रह नौवहन प्रणाली रखने वाले विशिष्ट देशों के क्लब में शामिल हो जाएगा