इंडियन स्पेश रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (इसरो) जल्द ही देश को एक और बड़ी सफलता देने जा रहा है। इसरो जून में सबसे ताकतवर रॉकेट जियोसिन्क्रोनस सैटेलाइन लॉन्च वीइकल (GSLV) मार्क III को लॉन्च कर सकता है। गेम चेंजर माने जा रहा GSLV मार्क III करीब 4 टन के कॉम्यूनिकेशन सैटेलाइट का वजन उठा सकता है।
मल्टी-बिलियन ग्लोबल डॉलर स्पेस मार्केट में अपने शेयर बढ़ाने का टारगेट रखने वाले ईसरो ने कहा कि उम्मीद है कि ये रॉकेट जून के पहले हफ्ते में लॉन्च हो जाए। इस गेम चेंजर के पीछे इंटरनेशनल वीइक्लस पर निर्भरता कम करने का उद्देश्य है। इसरो के चेयरमैन एएस किरन कुमार ने कहा कि श्रीहरिकोटा में रॉकेट के सभी सिस्टम लग चुके हैं और इन्हें जोड़ने का काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इसकी लगातार जांच की जा रही है और उम्मीद है कि जून में ये लॉन्च हो जाए। बता दें कि करीब 2.2 टन की सैटेलाइट ढोने की क्षमता भारत के पास है और उससे ज्यादा के लिए उसे विदेश पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में इस रॉकेट के लॉन्च हो जाने से भारत की बड़ी मुश्किल आसान हो जाएगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अभी सैटेलाइट का भार उठा पाने में सक्षम GSLV मार्क II के मुकाबले ये नया रॉकेट दो गुना वजन उठा सकता है। वजनी सैटेलाइटों को आसानी के ढोने के अलावा उन्हें अंतरिक्ष में 36,000 किमी ऊपर स्थित कक्षा में स्थापित किया जा सकेगा। बता दें कि इससे पहले भारत ने इसी श्रीहरिकोटा से 104 सैटेलाइट लॉन्च करके विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इसमें भारत ने रूस को भी पीछे छोड़ दिया था।