भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शुक्रवार को घोषणा कि वह दस जनवरी को एक साथ 31 कृत्रिम उपग्रह अंतरिक्ष में भेजेगा। पोलर सैटेलाइट लांच व्हीकल (पीएसएलवी) राकेट से लांच होने वाली इन सभी सैटेलाइटों में भारत का अर्थ आब्जर्वेशन सैटेलाइट कार्टोसैट-2 भी शामिल है।
इसरो के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, दस जनवरी लांच की तारीख तय की गई है। इसमें मुख्य पेलोड भारत का सैटेलाइट कार्टोसैट-2 है। पीएसएलवी-सी40 को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से लांच किया जाएगा। इस मिशन में 28 विदेशी नैनो सैटेलाइट के साथ भारत की कार्टोसैट-2, एक नैनो सैटेलाइट और एक माइक्रो सैटेलाइट लांच की जाएगी।
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पिछला मिशन हो गया था असफल
इस साल 31 अगस्त को पीएसएलवी से नेविगेशन सैटेलाइट आईआरएनएसएस-1 एच लांच की गई थी, लेकिन हीट शील्ड न खुलने के कारण सैटेलाइट रॉकेट के चौथे चरण समेत अंतरिक्ष में पहुंच गया। अब वह अंतरिक्ष कचरे की तरह धरती के चक्कर काट रहा है। इस असफलता के बाद इसरो ने पिछले चार महीने में किसी मिशन को अंजाम नहीं दिया। नए साल में पीएसएलवी को कुछ बदलाव के साथ फिर मिशन पर भेजा जाएगा। खासकर पे लोड फेयरिंग यानी हीट शील्ड तकनीक में बदलाव किया गया है।