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ISRO: इसरो की एक और उपलब्धि, एससीएल के साथ मिलकर विकसित किया 32 बिट माइक्रोप्रोसेसर

Sun, 16 Mar 2025 01:17 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

32 बिट माइक्रोप्रोसेसर की मदद से लॉन्च वाहनों के नेविगेशन, मार्गदर्शन और नियंत्रण में मदद मिलती है और इस दिशा में आत्मनिर्भर होने के लिहाज से यह बेहद अहम है। 
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इसरो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर ने सेमीकंडक्टर लेबोरेट्री, चंडीगढ़ के साथ मिलकर 32 बिट माइक्रोप्रोसेसर विकसित करने में सफलता हासिल की है। ये माइक्रोप्रोसेसर विक्रम 3201 और कल्पना 3201 हैं, जिनका इस्तेमाल अंतरिक्ष एप्लीकेशन में किया जाएगा। 
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विक्रम 3201 पहला पूर्ण रूप से भारत में निर्मित 32-बिट माइक्रोप्रोसेसर है जो मुश्किल पर्यावरणीय परिस्थितियों में लॉन्च व्हीकल्स में इस्तेमाल किया जाएगा। प्रोसेसर को एससीएल के 180nm (नैनोमीटर) CMOS (पूरक धातु-ऑक्साइड-अर्धचालक) सेमीकंडक्टर लैब में तैयार किया गया है। यह प्रोसेसर स्वदेशी रूप से डिजाइन किए गए 16-बिट विक्रम 1601 माइक्रोप्रोसेसर का उन्नत संस्करण है, जो 2009 से इसरो के लॉन्च व्हीकल्स की एवियोनिक्स प्रणाली में इस्तेमाल हो रहा है।

अंतरिक्ष एजेंसी ने बताया कि कल्पना 3201 एक 32-बिट SPARC V8 (स्केलेबल प्रोसेसर आर्किटेक्चर, संस्करण 8) RISC (रिड्यूस्ड इंस्ट्रक्शन सेट कंप्यूटर) माइक्रोप्रोसेसर है। इसरो के अनुसार, विक्रम 3201 और विक्रम 1601 में एक कस्टम इंस्ट्रक्शन सेट आर्किटेक्चर है। 32 बिट माइक्रोप्रोसेसर की मदद से लॉन्च वाहनों के नेविगेशन, मार्गदर्शन और नियंत्रण में मदद मिलती है और इस दिशा में आत्मनिर्भर होने के लिहाज से यह बेहद अहम है। इसका सफल परीक्षण हो चुका है।  
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