भारत के महत्वकांक्षी मिशन चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम का चांद की सतह पर पहुंचने से पहले बेशक संपर्क टूट गया है लेकिन पूरी दुनिया ने इसरो के हौसले को सलाम किया है। भारत की अंतरिक्ष एजेंसी का जज्बा भी कायम है। अब वह चांद पर बड़े मिशन की तैयारी कर रहा है। इसरो का अगला मून मिशन पहले से बेहतर और बड़ा होगा। माना जा रहा है कि यह मिशन चांद के ध्रुवीय क्षेत्र से सैंपल ला सकता है।
रूप की अंतरिक्ष एजेंसी रॉसकॉसमॉस को चंद्रयान-2 के लिए लैंडर उपलब्ध कराना था। हालांकि यह योजना किसी वजह से आगे वहीं बढ़ पाई जिसके बाद 2012 में इसरो ने अकेले इसे पूरा करने का निर्णय लिया। इस साल जुलाई में जाक्सा ने क्षुद्रग्रह पर अपने हायाबुसा मिशन-2 को सफलतापूर्वक उतारा था। इस मुश्किल मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम देकर जापान ने अपनी तकनीकी क्षमता का लोहा मनवाया है। जाक्सा का यह मिशन क्षुद्रग्रह पर शोध करने से संबंधित था।