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Karnataka: ISRO नौकरी घोटाला में कर्नाटक हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, शिकायतकर्ता के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश

Tue, 27 May 2025 07:14 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

कर्नाटक हाईकोर्ट ने इसरो नौकरी घोटाले को लेकर बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने इस मामले में स्थानीय पुलिस को शिकायतकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।हाई कोर्ट ने इस लेन-देन को असामान्य और शक के घेरे में बताया है।
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कर्नाटक उच्च न्यायालय - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक चौंकाने वाला आदेश देते हुए बंगलूरू पुलिस को उस शख्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को कहा है, जिसने दावा किया था कि एक महिला और उसके साथियों ने उसे इसरो यानी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन में नौकरी दिलाने के नाम पर एक करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की है। हाईकोर्ट की छुट्टी कालीन पीठ के जज जस्टिस सूरज गोविंदराज ने यह आदेश उस समय दिया जब इस मामले की आरोपी महिला विनुथा एम. ई. ने जमानत के लिए अर्जी दी थी।
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क्यों शिकायतकर्ता पर मामला दर्ज करने को कहा गया?
कोर्ट ने इस लेन-देन को असामान्य और शक के घेरे में बताया। शिकायतकर्ता संजय एन ने कहा था कि उसने इसरो में ग्राफिक डिजाइनर की नौकरी पाने के लिए विनुथा और उसके साथियों को करीब 1.03 करोड़ रुपये दिए थे। कोर्ट ने कहा, 'शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसने एक प्रतिष्ठित संस्था जैसे इसरो में नौकरी दिलवाने के बदले आरोपी को 1.03 करोड़ रुपये दिए। यह असामान्य लेन-देन है। इसलिए पुलिस को आदेश दिया जाता है कि वह शिकायतकर्ता के खिलाफ भी एक मामला दर्ज करे।'

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इसरो के चेयरमैन को भेजा जाएगा आदेश
हाईकोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि इस आदेश की एक कॉपी इसरो के चेयरमैन को भेजी जाए। इसके लिए रजिस्ट्रार जुडिशियल को कहा गया है कि अगली सुनवाई (4 जून) तक इस सूचना के भेजे जाने का सबूत अदालत में पेश करें।

क्या है पूरा मामला?
अगस्त 2024 में विनुथा पहली बार संजय के घर नागरभावी इलाके में आईं और उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह इसरो में नौकरी दिलवा सकती हैं। सबसे पहले संजय ने उन्हें ₹37 लाख दिए और फिर एक फिटनेस सर्टिफिकेट भी बनवाया। इसके बाद में विनुथा ने और ₹23 लाख की मांग की, जो संजय ने नकद में दे दिए। संजय ने कहा कि विनुथा ने उसे इसरो से जुड़े बताए गए कुछ लोगों से मिलवाया — सुप्रथो पाथो, रेडप्पा, राजेन्द्र ए. के. और अनिल कुमार, जिन्होंने और पैसे मांगे। पूरी प्रक्रिया के दौरान संजय ने कुल ₹1.03 करोड़ रुपये दे दिए, लेकिन कोई नौकरी नहीं मिली और पैसा भी वापस नहीं हुआ। तब जाकर उन्होंने पुलिस में शिकायत की।
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आरोपी महिला की जमानत याचिका पर बहस
विनुथा की तरफ से पेश वकील ने कहा कि वह एक गृहिणी हैं और इस मामले के बाकी आरोपी पहले ही जमानत पर हैं। हालांकि, कोर्ट ने पाया कि विनुथा पर पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसे आदतन अपराधी बताया। वकील ने यह भी कहा कि पुराने मामलों में उसका पति शामिल था, न कि वह खुद, और अदालत से सशर्त जमानत की गुजारिश की। वहीं इस मामले में कोर्ट ने यह जानने के लिए कहा है कि क्या कोलारगाल और चिकमंगलुरु टाउन पुलिस स्टेशन में विनुथा के खिलाफ पहले से कोई आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल मामले की अगली सुनवाई 4 जून को होगी।

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