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ISRO: सात प्रक्षेपणों की तैयारी में इसरो, मार्च 2026 तक पहला मानवरहित मिशन भेजेगा भारत

Sun, 14 Dec 2025 07:49 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने मार्च 2026 तक सात प्रक्षेपण मिशन करने की योजना बनाई है। इनमें गगनयान परियोजना का पहला मानवरहित मिशन, स्वदेशी इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन प्रणाली का प्रदर्शन और क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन तकनीक से जुड़े प्रयोग भी शामिल हैं। इन सात में से पहला प्रक्षेपण अगले सप्ताह होने की संभावना है।

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केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने हाल ही में संसद को बताया कि भारत का सबसे भारी रॉकेट एलवीएम-3 (एलवीएम3) अमेरिकी कंपनी एएसटी स्पेसमोबाइल के ब्लूबर्ड-6 संचार उपग्रह को कक्षा में स्थापित करेगा। यह प्रक्षेपण इसरो की व्यावसायिक इकाई न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) के साथ हुए समझौते के तहत किया जाएगा। 


एलवीएम-3 रॉकेट अगले वर्ष की शुरुआत में गगनयान परियोजना के पहले मानवरहित मिशन को लेकर उड़ान भरेगा। इस मिशन में ‘व्योममित्रा’ नाम का रोबोट क्रू मॉड्यूल में भेजा जाएगा। इसके बाद 2026 में एक और मानवरहित मिशन की योजना है, जिसके पश्चात 2027 में भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को लो अर्थ ऑर्बिट में भेजा जाएगा।
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मंत्री ने बताया कि गगनयान का पहला मानवरहित मिशन पूरी प्रक्रिया के प्रदर्शन के लिए होगा, जिसमें मानव-रेटेड प्रक्षेपण यान की एयरोडायनामिक विशेषताओं का आकलन, ऑर्बिटल मॉड्यूल का संचालन, क्रू मॉड्यूल की पुनः प्रवेश प्रक्रिया और उसकी सुरक्षित वापसी शामिल है। अगले वर्ष इसरो भारत का निर्मित पहला पीएसएलवी भी प्रक्षेपित करेगा, जो ओशियनसैट उपग्रह को कक्षा में स्थापित करेगा। इसी मिशन में इंडो-मॉरीशस संयुक्त उपग्रह और ध्रुव स्पेस का लीप-2 उपग्रह भी भेजे जाएंगे।

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