इसरो प्रमुख ने कहा कि अगर भारत तीसरी, दूसरी और पहली सबसे बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था बनना चाहता है, तो क्रांतिकारी बदलाव की जरूरत है। क्योंकि विकास केवल व्यापार और संसाधनों से नहीं होगा।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (ISRO) के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने शुक्रवार को स्पेस एक्स के सीईओ एलन मस्क की तारीफ की। उन्होंने मस्क के रॉकेट मिशन को लेकर कहा कि उनकी उपलब्धियों ने मुझे प्रेरित किया है। भारत उनके जैसे अभियान पर काम कर रहा है। आईआईटी दिल्ली में 13वें दीक्षांत समारोह में इसरो प्रमुख ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में एलन मस्क के प्रयासों ने इसरो सहित वैश्विक कोशिशों को प्रेरित किया है। वे अपने रॉकेटों से सबका ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। यूरोप से लेकर रूस और चीन तक हर कोई देख रहा है कि वह क्या कर रहे हैं। वह एक महान व्यक्ति हैं जो शानदार काम कर रहे हैं।
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वैश्विक अर्थव्यवस्था बनने के लिए क्रांतिकारी बदलाव जरूरी
इसरो प्रमुख ने कहा कि अगर भारत तीसरी, दूसरी और पहली सबसे बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था बनना चाहता है, तो क्रांतिकारी बदलाव की जरूरत है। क्योंकि विकास केवल व्यापार और संसाधनों से नहीं होगा। इसलिए हमें तकनीक के महत्व को समझने और उत्पादों के विकास पर ध्यान देने की जरूरत है। भारत पांचवीं सबसे बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था है, लेकिन आगे बढ़ने के लिए हमें अपनी तकनीक का निर्माण और सुधार करना होगा। हमें प्रणोदन, सामग्री विज्ञान और कक्षीय गतिशीलता जैसे क्षेत्रों में अपनी विशेषज्ञता विकसित करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। उन्होंने अंतरिक्ष में भारत की प्रगति को लेकर भी बात की और कहा कि लगातार सफलता के लिए प्रयास जरूरी हैं।
अंतरिक्ष में स्टार्टअप की सराहना की
इसरो अध्यक्ष एस सोमनाथ ने अंतरिक्ष क्षेत्र में स्टार्ट अप शुरू करने की सरकार की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह सही कदम है। सरकार ने अंतरिक्ष में निजी निवेश और भागीदारी के महत्व को पहचाना है। इससे विकास तेजी से होगा। लागत कम होगी और हमारी वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
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छात्रों को दी सलाह
इसरो के प्रमुख ने युवा इंजीनियरों और वैज्ञानिकों को ऐसी तकनीक विकसित करने के लिए कहा जो देश को आगे बढ़ाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान ज्ञान और तकनीक का जीवनकाल इतना छोटा है कि आपको जीवन भर छात्र बने रहना होगा। विनम्र, ईमानदार और अनुकूलन के लिए तैयार रहें। यही आपको आगे की चुनौतियों से निपटने में मदद करेगा।
भारत को विकसित देश बनाना युवाओं को जिम्मेदारी
दीक्षांत समारोह को दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाना युवाओं की जिम्मेदारी है। उन्होंने उन्हें व्यक्तिगत उपलब्धियों से परे सोचने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की सलाह दी। आईआईटी दिल्ली के निदेशक रंजन बोस ने कहा कि छात्रों को वैश्विक समाज की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने ज्ञान का उपयोग करना चाहिए।