भारत की महत्वाकांक्षी परियोजना मिशन चंद्रयान-2 के प्रक्षेपण को एक बार फिर से टाल दिया गया है। चंद्रयान-2 को पहले इस साल अक्तूबर में ही भेजा जाना था। लेकिन अब इसका प्रक्षेपण जनवरी 2019 तक के लिए टल गया है।
इस साल की शुरुआत में इसरो ने सैन्य उपग्रह जीएसएटी-6ए प्रक्षेपित किया था, लेकिन इस उपग्रह के साथ इसरो का संपर्क टूट जाने की वजह से यह असफल रहा था। इसके बाद इसरो ने फ्रेंच गुयाना से प्रक्षेपित होने वाले जीएसएटी-11 के प्रक्षेपण को यह कहते हुए टाल दिया था कि इसकी कुछ अतिरिक्त तकनीकी जांच की जाएगी।
पिछले साल सितंबर में आईआरएनएसएस-1एच नौवहन उपग्रह को लेकर जा रहे पीएसएलवी-सी39 मिशन अभियान भी असफल रहा था क्योंकि इसका हीट शील्ड नहीं खुलने की वजह से उपग्रह नहीं छोड़ा जा सका।
इन दो बड़ी असफलताओं के बाद इसरो चंद्रयान-2 के साथ ज्यादा सावधानी बरत रहा है। चंद्रयान-1 और मंगलयान मिशन के बाद चंद्रयान-2 इसरो के लिए एक बहुत बड़ा मिशन है।
इस्राइल मार सकता है बाजी :
इस साल के अंत में इस्राइल की एक कंपनी चांद पर अपना मिशन भेजने वाली है। इस्राइल, अमेरिका के फेल्कोन-9 रॉकेट के जरिए चंद्रमा पर अपना मिशन भेजेगा, जिसके 13 फरवरी को चांद की सतह पर पहुंचने की संभावना है। भारत और इजरायल के बीच चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग कराने वाला चौथा देश बनने के लिए प्रतिस्पर्धा चल रही है। बता दें कि साल 2008 में भारत के चंद्रयान-1 मिशन की हार्ड लैंडिंग हुई थी जिसमें उसका एमआईपी कई टुकड़ों में टूट गया था।