इस्राइल के राजदूत ने कहा, मार्च के अंत में संसद केसेट के स्पीकर ने यात्रा की थी। अप्रैल माह में अर्थव्यवस्था मंत्री और अब विदेश मामलों के मंत्री भारत आ रहे हैं।
इस्राइल के विदेश मंत्री एली कोहेन भारत दौरे पर नई दिल्ली आएंगे। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों को तीस साल हो रहे हैं।
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उनकी यात्रा इस्राइल के अर्थव्यवस्था मंत्री नीर बरकत के बाद हो रही है, जो इस साल अप्रैल में एक बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ चार दिवसीय आधिकारिक दौरे पर भारत आए थे। यरुशलम के पूर्व मेयर ने दिल्ली और मुंबई का दौरा किया था। मार्च के अंत में इस्राइली नेसेट स्पीकर आमिर ओहाना ने भी भारत की आधिकारिक यात्रा की। जिन्होंने इस्राइली और भारत की संसदों के बीच पहले सहयोग और सूचना समझौते के आदान-प्रदान पर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। हालांकि यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब इस्राइल अपनी आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है।
इस्राइल के प्रधानमंत्री के भारत आने की उम्मीद
इस्राइल के राजदूत ने कहा, मार्च के अंत में संसद केसेट के स्पीकर ने यात्रा की थी। अप्रैल माह में अर्थव्यवस्था मंत्री और अब विदेश मामलों के मंत्री भारत आ रहे हैं। उन्होंने कहा, इन यात्राओं में जो सामान्य बात है वह यह है कि वे भारत और इस्राइल के बीच मजबूत सहानुभूति और दोस्ती के साथ-साथ इस्राइल और दुनिया के लिए भारत के बढ़ते महत्व की समझ से प्रभावित होकर लौटते हैं। भारत-इज़राइल संबंधों के बारे में बोलते हुए राजदूत ने आगे कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग गहरे भरोसे पर बने है। दोनों देशों के बीच सहयोग गहरे विश्वास पर आधारित है। इस्राइल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के इस साल के अंत तक भारत आने की उम्मीद है।
राजदूत नाओर गिलोन ने कहा कि हम अद्भुत सहयोग का एक उदाहरण लेते हैं तो अपने वाणिज्यिक संबंधों को देखते हैं। हमने 30 वर्षों के लिए पूर्ण राजनयिक संबंध शुरू किए और जल्द ही इन संंबंधों को और भी ऊंचाई तक विकसित करेंगे।