दक्षिणी लेबनान के देबेल गांव में ईसा मसीह की प्रतिमा को कथित तौर पर नुकसान पहुंचाने वाले इस्राइली सैनिक की तस्वीर वायरल होने के बाद इस्राइली सेना ने जांच शुरू कर दी है। सेना ने इस कृत्य की निंदा की है।
लेबनान के दक्षिणी हिस्से में एक वायरल तस्वीर को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में इस्राइली सेना ने जांच शुरू कर दी है। तस्वीर में एक इस्राइली सैनिक को कथित तौर पर यीशु मसीह की क्रूस पर लगी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाते हुए दिखाया गया है। यह तस्वीर लेबनान के देबेल गांव की बताई जा रही है।
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वायरल तस्वीर से बढ़ा विवाद
इस तस्वीर में क्रूस पर लगे यीशु की प्रतिमा को असामान्य स्थिति में दिखाया गया है। दावा किया जा रहा है कि एक सैनिक ने हथौड़े या कुल्हाड़ी जैसी चीज से प्रतिमा पर वार किया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा देखा जा रहा है। देबेल गांव के उप प्रमुख मारून नसीफ ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे धार्मिक भावनाओं पर हमला बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।
इस्राइली सेना ने शुरू की जांच
इस्राइल रक्षा बल (आईडीएफ) ने एक बयान में कहा कि वे इस घटना को गंभीरता से ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि सैनिक का आचरण पूरी तरह से उन मूल्यों के विपरीत है जिनकी उनसे अपेक्षा की जाती है। आईडीएफ के उत्तरी कमान ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
आईडीएफ ने कहा 'जांच के निष्कर्षों के अनुसार, इसमें शामिल लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।' सेना ने यह भी कहा कि वे स्थानीय समुदाय की प्रतिमा को उसके मूल स्थान पर बहाल करने में सहायता करने के लिए काम कर रहे हैं।