इस्राइल के राष्ट्रपति ने पश्चिम एशिया में तनाव के बीच सख्त तेवर अपनाए हैं। उन्होंने कहा है कि इस्राइल का आत्मसम्मान नहीं बिकेगा, कोई भी फैसला बाहरी दबाव में नहीं होगा। राष्ट्रपति हर्जोग का ये बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि भ्रष्टाचार के मामलों में प्रधानमंत्री नेतन्याहू की माफी पर रार हो रही है। हर्जोग की सख्त टिप्पणी ट्रंप की बयानबाजी के बीच आई है।
इस्राइल के राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को भ्रष्टाचार के मामले में माफी देने के मुद्दे पर ट्रंप की ओर से की गई कमजोर और दयनीय जैसी टिप्पणियों पर हर्जोग ने करारा जवाब दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस्राइल की गरिमा, स्वतंत्रता और संप्रभुता किसी के हाथों बिकाऊ नहीं है।
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बृहस्पतिवार को एक दौरे के दौरान हर्जोग ने कहा कि यह हमला केवल मुझ पर नहीं, बल्कि इस्राइल की शासन व्यवस्था और संप्रभुता के प्रतीकों पर है। मैं अपने निजी सम्मान के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र के गौरव के लिए खड़ा हूं। राष्ट्रपति ने कहा कि वे माफी की अर्जी पर पूरी तरह स्वतंत्र होकर, बिना किसी बाहरी दबाव या शोर के विचार करेंगे।
दूसरी ओर प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ट्रंप के बयानों का बचाव करते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति को अपने मन की बात कहने का अधिकार है। हालांकि, उन्होंने खुद भी राष्ट्रपति हर्जोग से इस कानूनी सर्कस को खत्म करने की अपील की, ताकि वे युद्ध और क्षेत्रीय कूटनीति पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर सकें।
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न्याय मंत्रालय ने माफी का किया है विरोध
उल्लेखनीय है कि इस्राइली न्याय मंत्रालय ने इस माफी का विरोध किया है। मंत्रालय के अनुसार जब तक नेतन्याहू दोष स्वीकार नहीं करते या पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक माफी देना अनुचित होगा। अब सबकी नजरें राष्ट्रपति हर्जोग के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।