इस्राइल ने फलस्तीनी क्षेत्र से हुए रॉकेट हमले के जवाब में हमास के शीर्ष नेता के कार्यालय समेत गाजा पट्टी पर मंगलवार को हमले जारी रखे। इस्राइल ने ज्यादातर प्रमुख शहरों में किसी संभावित बम हमले से बचने के लिए लोगों के वास्ते सार्वजनिक आश्रय स्थल खोल दिए और सिविल रक्षा अधिकारियों ने दक्षिणी इस्राइल में खेल प्रतियोगिताएं और सार्वजनिक परिवहन सेवाएं रद्द कर दी हैं। इस्राइली सेना ने कहा कि सोमवार देर रात को देश में कम से कम 30 रॉकेट दागे गए।
हमास फलस्तीनी क्षेत्र का सबसे प्रमुख इस्लामी चरमपंथी संगठन है। इसका गठन 1987 के जनआंदोलन के दौरान हुआ था। उसके बाद से ये फलस्तीनी क्षेत्रों से इस्राइली सेना को हटाने के लिए संघर्ष चला रहा है। हमास इस्राइल को मान्यता नहीं देता और यह पूरे फलस्तीनी क्षेत्र में इस्लामी राष्ट्र की स्थापना करना चाहता है।
शेख अहमद यासिन के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस संगठन की राजनीतिक और सशस्त्र इकाइयां हैं। राजनीतिक इकाई ने पश्चिमी किनारे और गजा पट्टी में अस्पताल और स्कूल बनवाए हैं और यह स्थानीय लोगों की सामाजिक और धार्मिक मामलों में सहायता करती है। हमास की सशस्त्र इकाई इस्राइली ठिकानों पर हमले करती है।
संगठन के सदस्यों की संख्या का सही अंदाजा लगाना तो मुश्क़िल है लेकिन इसके पक्के समर्थकों की संख्या हजारों में होगी। हमास गजा पट्टी में खासा लोकप्रिय है, जहां पश्चिमी किनारे की तुलना में गरीबी अधिक है।
हमास के नेतृत्व में कई बातों पर असहमति है। कुछ नेता मानते हैं कि हमास को फलस्तीनी राजनीति में विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए। उस समय इस्राइली सैनिकों ने हमास के कई सदस्यों को या तो मार डाला था या गिरफ्तार कर लिया था।