इस्राइल के साथ समर्थन का प्रदर्शन करने के लिए अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने युद्धग्रस्त देश का दौरा किया। इस दौरान इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी विदेश मंत्री से हाथ मिलाया और उन्हें और संयुक्त राज्य अमेरिका को इस्राइल के साथ खड़े होने के लिए धन्यवाद दिया।
इस दौरान नेतन्याहू ने कहा कि आपकी यात्रा इस्राइल के लिए अमेरिका के स्पष्ट समर्थन का एक और ठोस उदाहरण है। हमास ने खुद को सभ्यता का दुश्मन साबित कर दिया है। एक आउटडोर संगीत समारोह में युवाओं की हत्या, पूरे परिवारों की हत्या, माता-पिता की उनके बच्चों के सामने हत्या और बच्चों की उनके माता-पिता के सामने हत्या, लोगों को जिंदा जलाना, सिर काटना, अपहरण... यह कायराना और माफी के लायक कृत्य नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन इसे बुरा कहने में बिल्कुल सही थे।
उन्होंने कहा कि हमास ISIS है और जैसे ISIS को कुचला गया, वैसे ही हमास को भी कुचला जाएगा। हमास के साथ बिल्कुल वैसा ही व्यवहार किया जाना चाहिए जैसा कि ISIS के साथ किया गया था। उन्हें राष्ट्रों के समुदाय से बाहर कर दिया जाना चाहिए। किसी भी नेता को उनसे नहीं मिलना चाहिए, किसी भी देश को उन्हें आश्रय नहीं देना चाहिए और जो ऐसा करते हैं उन पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
आगे कई कठिन दिन होंगे: नेतन्याहू
नेतन्याहू ने कहा कि एंटनी, मेरे दोस्त। मैं कहना चाहता हूं कि आगे कई कठिन दिन होंगे, लेकिन मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि सभ्यता की ताकतें जीतेंगी। ऐसा इसलिए है, क्योंकि हम समझते हैं कि जीत की पहली शर्त है- नैतिक स्पष्टता। यह वह समय है जब हमें बुराई के खिलाफ खड़ा होना चाहिए, गर्व करना चाहिए और एकजुट होना चाहिए।
हमास के नरसंहार पर यह बोले ब्लिंकन
इस दौरान एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि मैं आपके सामने अब केवल संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेश सचिव के रूप में नहीं, बल्कि एक यहूदी के रूप में भी आया हूं। मेरे दादा रूस में नरसंहार से भाग गए थे। मेरे पिता ऑशविट्ज के शिविरों में बच गए थे। तो मैं समझता हूं कि व्यक्तिगत स्तर पर हमास के नरसंहार की भयावह गूंज इस्राइली यहूदियों और वास्तव में हर जगह यहूदियों के लिए है।
हमास की हरकत से स्तब्ध: ब्लिंकन
ब्लिंकन ने कहा कि हम इसे कैसे समझ सकते हैं? इसे कैसे पचा सकते हैं? फिर भी हम हमास की हरकत से स्तब्ध हैं। हमें इससे सबक लेना चाहिए और हमने यह सीखा भी है। इस्राइली नागरिकों की उल्लेखनीय एकजुटता से उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि दुख की बात है कि हमास के जघन्य हमलों में मारे गए निर्दोष लोगों की संख्या में बढ़ती जा रही है। उनमें कम से कम 25 अमेरिकी नागरिक भी शामिल हैं।
इस्राइल को दिया क्या संदेश?
उन्होंने कहा कि मैं इस्राइल के लिए जो संदेश लेकर आया हूं, वह यह है कि आप अपनी रक्षा करने के लिए काफी हैं। इस्राइली अपनी रक्षा कर सकते हैं, लेकिन लेकिन जब तक अमेरिका मौजूद है, आपको ऐसा अकेले ऐसी परिस्थिति में नहीं रहने देंगे। हम हमेशा आपके साथ रहेंगे।