इजरायल के राष्ट्रपति रियुविन रिवलिन के छह दिवसीय दौरे के दूसरे दिन भारत और इजरायल के बीच समझौतों का आदान प्रदान हुआ। दोनों देशों की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इजरायल के राष्ट्रपति रियुविन रिवलिन का स्वागत करना सम्मान की बात है। दोनों देशों के रिश्ते बहुआयामी है। इस साझेदारी में रक्षा सौदे और आम जन के बीच संबंधों ने अहम भूमिका अदा की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक बड़ी संख्या में भारतीय छात्र इजरायल पढ़ने जाते हैं और हमारी साझेदारी बनाने में यह सेतु का काम करता है।
प्रधानमंत्री ने कहा, 'दोनों देश कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में चल रही साझेदारी पर सहमत हुए हैं। दोनों देश अपने राजनयिक संबंधों के 25 वर्ष पूरे होने की ओर बढ़ रहे हैं और हमने तय किया है कि इसे कई और क्षेत्रों में बढ़ाया जाए। निजी क्षेत्र को प्रोत्साहन देकर इस मौके का उपयोग दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते को बनाने में करेंगे।'
मोदी ने कहा, 'हमने इस बात की पहचान कि है आतंकवाद एक वैश्विक चुनौती के रूप में उभर रहा है और इसकी कोई सीमा नहीं है। दुर्भाग्य की बात है कि आतंकवाद की जड़ और इसका फैलाव भारत के पड़ोस में है।