बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हुए आतंकवादी हमले के बाद एक बार फिर मुस्लिम धर्मगुरु डॉ. जाकिर नाईक विवादों में है। इस्लाम के अलावा अन्य धर्मों की आलोचना नाईक की फितरत है। वह अपने भाषण में हिंदू देवी-देवताओं को अपमानित कर मुस्लिम युवाओं का दिमाग बदलता है। गीता के श्लोक की गलत व्याख्या कर कट्टरवाद को बढ़ावा देने की बात भी सामने आई है।
मुस्लिम युवाओं का चहेता बना डॉ जाकिर नाईक कभी दक्षिण मुंबई के भिंडी बाजार की गलियों में एक छोटे से कबाड़खाने जैसे घर में रहता था। लेकिन, कट्टरवादी सोच के साथ इस्लाम का प्रचार कर उसने इतनी दौलत और शोहरत कमा ली है कि आज वह मुंबई के बेहद पॉश इलाके नेपियंसी रोड पर आलीशान कोठी में रहता है।
डॉ. नाईक पीस टीवी नामक एक इस्लामी चैनल का संस्थापक है जिसका अनेक देशों में प्रसारण होता है। 18 अक्तूबर 1965 में जन्मा जाकिर को बचपन में ही कुरान की आयतें कंठस्थ हो गई थीं। उसके बाद उसने मेडिकल की पढ़ाई की।