एनआईए की एक विशेष अदालत ने आईएसआईएस मॉड्यूल मामले में गिरफ्तार आरोप की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। मामले की सुनवाई के दौरान वकील हसनैन काजी के जरिए दायर अपनी याचिका में आरोपी ने कहा कि उसकी पत्नी गर्भावस्था के आखिरी महीनें में हैं और चार फरवरी को सिजेरियन डिलीवर होगी, जिसके चलते वहां रहना जरूरी है।
एनआईए की एक विशेष अदालत ने आईएसआईएस मॉड्यूल मामले में गिरफ्तार आरोप की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोपी जुबैर शेख ने अपने बच्चे के जन्म के समय अपनी पत्नी के साथ रहने के लिए जमानत मांगी थी। विशेष एनआईए न्यायाधीश बीडी शेल्के ने आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप में पिछले साल राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा गिरफ्तार किए गए छह लोगों में से एक शेख द्वारा दायर याचिका खारिज कर दी।
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आरोपी ने दायर की जमानत याचिका, कोर्ट ने की खारिज
मामले की सुनवाई के दौरान वकील हसनैन काजी के जरिए दायर अपनी याचिका में आरोपी ने कहा कि उसकी पत्नी गर्भावस्था के आखिरी महीनें में हैं और चार फरवरी को सिजेरियन डिलीवर होगी, जिसके चलते वहां रहना जरूरी है। याचिका में कहा गया है कि शेख की पत्नी अपने पति की गैर मौजूदगी के कारण तनाव में हैं। याचिका में कहा गया कि आरोपी पहले से ही अपने परिवार से अलग रह रहा है। आरोपी के पहले से ही तीन बच्चे हैं।
एनआईए ने आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था
पिछले साल दिसंबर में एनआईए ने आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि उनके पास आईएसआईएस द्वारा प्रकाशित प्रचार पत्रिकाओं 'वॉयस ऑफ हिंद' और 'वॉयस ऑफ खुरासान' के साथ-साथ आपत्तिजनक सामग्री भी पाई गई। इसमें यह भी दावा किया गया कि आरोपी अपने संपर्कों के साथ DIY किट साझा कर रहे थे और अपनी आतंकी योजनाओं और वित्तपोषित करने के लिए पैसा जुटा रहे थे।