कोलकाता में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान हुई हिंसा में मंगलवार को कॉलेज परिसर में स्थित महान दार्शनिक, समाजसुधारक और लेखक ईश्वरचंद विद्यासागर की मूर्ति तोड़ दी गई थी। जिसके लिए टीएमसी ने भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर आरोप लगाया है। इसी घटना का विरोध जताते हुए सांकेतिक तौर पर टीएमसी और पार्टी नेताओं ने अपने ट्विटर प्रोफाइल फोटो में विद्यासागर की तस्वीर लगाई है।
1872 उच्च शिक्षा के लिए ना केवल पश्चिम बंगाल बल्कि पूरे भारत के लिए एक महत्वपूर्ण साल माना जाता है। यह ऐसा पहला निजी कॉलेज है, जिसे भारतीयों ने चलाया, इसमें पढ़ाने वाले शिक्षक भी तभी से भारतीय ही रहे।यहां तक कि कॉलेज का वित्तीय प्रबंधन भी भारतीय ही करते रहे।
पंडित ईश्वरचंद्र विद्यासागर के उत्साह, आकांक्षा और बलिदान के कारण, कॉलेज ने 1879 में स्नातक स्तर तक की शिक्षा के लिए विश्वविद्यालय को मान्यता प्राप्त कराई। बीएल कोर्स के लिए कॉलेज को 1882 में मान्यता मिली। इस कॉलेज के खुलने से उच्च शिक्षा में यूरोपियों का एकाधिकार समाप्त हो गया। कॉलेज के संस्थापक ईश्वरचंद्र विद्यासागर का निधन 29 जुलाई, 1891 को हो गया था, जिसके बाद साल 1917 में कॉलेज का नाम बदलकर विद्यासागर कॉलेज किया गया। इसी दौरान ये मूर्ति यहां स्थापित की गई थी।
इस कॉलेज का उद्देश्य मध्यम वर्गीय हिंदुओं को कम पैसों में उच्च शिक्षा प्रदान करना था। इस कॉलेज के शुरु होने से पहले तक उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाना पड़ता था। लेकिन जिनके पास विदेश जाने के लिए पैसे नहीं होते थे, वो उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते थे।
भाजपा ने चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग की
कोलकाता में अमित शाह की रैली से पहले हुए बवाल और हिंसा के बाद सियासत तेज हो गई है। भाजपा इसके लिए ममता सरकार पर आरोप लगा रही है, तो वहीं सीएम ममता बनर्जी ने भाजपा पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया है। भाजपा ने चुनाव आयोग से हिंसा की शिकायत करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग कर रही है।
मंगलवार को कोलकाता में अमित शाह की रैली रोक दी गई थी। कोलकाता पुलिस ने कागजात की मांग करते हुए मंच हटाने को कहा था। इसके बाद आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का हवाला देते हुए सड़कों पर लगे पीएम मोदी-शाह और भाजपा के कई बैनर-पोस्टर और होर्डिंग हटा दिए गए थे। इसके बाद शाम में अमित शाह की रैली के दौरान हिंसा हुई थी।
कोलकाता में अमित शाह के रोड शो के दौरान हिंसा को लेकर महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फड़णवीस ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा है कि वह अपनी हार से डरी हुई हैं, इसलिए वह लोकतंत्र की हत्या कर रही हैं। वह नहीं चाहतीं कि उनके खिलाफ एक भी चुनावी प्रचार अभियान हो। उन्होंने चुनाव आयोग से स्वच्छ और निष्पक्ष मतदान संपन्न कराने की मांग की है।