क्या देश में कोविड-19 संक्रमण का फैलाव कम होने लगा है, क्या देश में कोरोना की पीक आ चुकी है। ये कुछ ऐसे सवाल हैं जो हाल ही के कोरोना के सक्रिया मामलों को देखकर उठाए जा रहे हैं लेकिन इस पर सरकार की ओर से कोई पुष्टि या स्पष्टता नहीं दी गई है लेकिन विशेषज्ञ ऐसा जरूर मानते हैं।
देश के स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि देश में कोरोना का पीक निकल चुका है और इसका आधार कोरोना के कोरोना नमूनों के पॉजिटिविटी की दर में कमी आना है। हालांकि काफी कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि क्या भविष्य में भी यह रिकॉर्ड जारी रहेगा या इसमें कुछ बड़े बदलाव देखे जा सकते हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान परिषद के आंकड़ों की तुलना करें तो पता चलता है कि कोरोना की सकारात्मक दर घटी है। पिछले 24 घंटों में कोरोना के कुल 5,28,082 टेस्ट किए गए हैं, इसमें कुल 47,704 नमूने पॉजिटिव आए हैं जो कुल संख्या का मात्र नौ फीसदी के करीब हैं।
इसके अलावा बीते 24 जुलाई को रिकॉर्ड 14 फीसदी नमूने कोरोना पॉजिटिव निकले थे और उसके बाद इस आंकड़े में कमी आई। बात करें 27 जुलाई की कुल टेस्ट किए गए मामलों में से दस फीसदी मामले ही कोरोना पॉजिटिव निकले लेकिन अब इसमें और कमी आई है।
जुलाई में कोरोना पॉजिटिव आंकड़ों की दर सबसे कम है। इससे पहले 26 जून को कोरोना के एक दिन में होने वाले टेस्ट में आठ फीसदी लोगों की रिपोर्ट ही कोरोना पॉजिटिव निकली थी। जुलाई महीने में कोरोना के टेस्ट की क्षमता बढ़ी है, टेस्ट करने की क्षमता में प्रतिदिन इजाफा हो रहा है।
हालांकि पहले कोरोना के टेस्ट बढ़ने के साथ-साथ पॉजिटिव रेट में भी बढ़ोतरी होती थी लेकिन अब कोरोना के टेस्ट की संख्या बढ़ रही है लेकिन कोविड-19 के पॉजिटिव होने की दर कम हो रही है।
वर्धमान महावीर मेडिकल कालेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के निदेशक प्रोफेसर जुगल किशोर का कहना है कि अगर भविष्य में भी पॉजिटिव रेट में कमी आती रहेगी तो ये मान लिया जाएगा कि कोरोना की पीक देश से निकल चुकी है। इसके अलावा यह भी साफ हो जाएगा कि कोरोना के संक्रमण के फैलाव में कमी आई है।