तेलंगाना में भारत राष्ट्र समिति में अंदरूनी कलह लगातार बढ़ रही है। पार्टी के प्रमुख और अपने पिता के चंद्रशेखर राव (KCR) के बाद के कविता ने अपने भाई केटी रामाराव (KTR) को आड़े हाथों लिया है। के कविता ने भाई केटीआर पर निशाना साधते हुए उनके खिलाफ साजिश रचने, दरकिनार करने का प्रयास करने और पार्टी का भाजपा में विलय करने का आरोप लगाया।
के कविता ने कहा कि जब वह पिछले साल मार्च से अगस्त के बीच दिल्ली शराब नीति मामले में जेल में थीं तो पार्टी के कुछ लोगों ने पार्टी का भाजपा में विलय कराने का प्रयास किया था। इसका मैंने दृढ़ता से विरोध किया था।
संवेदनशील मुद्दों पर नहीं उठाई आवाज
के कविता ने कई संवेदनशील मुद्दों पर बीआरएस नेतृत्व की चुप्पी पर भी आपत्ति जाहिर की। उन्होंने कहा कि कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई योजना की जांच में जस्टिस पीसी घोष आयोग की ओर से केसीआर को नोटिस दिया गया। लेकिन पार्टी ने विरोध की कोई योजना नहीं बनाई। केवल पार्टी की एक शाखा तेलंगाना जागृति ने ही आंदोलन का एलान किया।
केवल ट्वीट पोस्ट करने से पार्टी मजबूत नहीं होगी
के कविता ने केटीआर पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब कांग्रेस सरकार ने हमारे नेताओं के घर पर बुलडोजर भेजे तो भी बीआरएस चुप थी। केवल ट्वीट पोस्ट करने से ही पार्टी मजबूत नहीं होगी। हमें जीवित रहने के लिए आंदोलन करने की जरूरत है। आपको अपने ही परिवार की एक महिला के खिलाफ पैसे लेकर कलाकारों से बात करवाने से क्या हासिल होगा? जब मैंने पार्टी से इस्तीफा देने और एमएलसी पद के लिए प्रस्ताव दिया था, तो केसीआर ने मुझे मना कर दिया था।
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दरकिनार किया जा रहा
पार्टी की महिला शाखा की प्रमुख ने यह भी कहा कि केटीआर और पार्टी ने कभी भी अपनी सोशल मीडिया टीम को मेरे प्रति सहानुभूति पैदा करने के लिए नहीं जुटाया। वारंगल में रजत जयंती महोत्सव में ही भी यही हुआ। यहां केवल केसीआर और केटीआर के ही पोस्टर थे। सूत्रों ने बताया कि इससे साफ है कि के कविता को दरकिनार किया जा रहा है और केटीआर को बीआरएस प्रमुख बनने की कतार में पेश किया जा रहा है। इसे लेकर के कविता ने कहा कि केसीआर ही मेरे एकमात्र नेता हैं और वह किसी और के नेतृत्व में काम नहीं करेंगी।
पत्र को किसने लीक किया?
पिता केसीआर को लिखा पत्र लीक होने पर के कविता ने कहा कि केसीआर शैतानों से नहीं गुप्तचरों से घिरे हुए हैं। ये ऐसे लोग हैं जो बीआरएस में रहते हुए अन्य पार्टियों के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। मैंने क्या गलती की है? मैं जानना चाहती हूं कि पत्र को किसने लीक किया? मेरी टीम ने इसे लीक नहीं किया है। यह केवल आंतरिक संचार था। मैं पिछले 25 सालों से केसीआर को पत्र लिख रही हूं। यह पहली बार है जब उन्होंने जवाब नहीं दिया। हर बार केसीआर पत्र पढ़ने के बाद उसे फाड़ देते थे। इस बार उन्होंने ऐसा नहीं किया। शायद यह मेरी गलती थी।
मैं पद के पीछे नहीं भागती
बीआरएस नेता के कविता ने कहा कि मैं पार्टी के प्रति वफादार हूं और किसी पद के पीछे नहीं भागती। मैंने कभी पदों के लिए काम नहीं किया। केसीआर ने मुझे एमएलसी के तौर पर काम करने की अनुमति दी। मैंने केवल निजामाबाद निर्वाचन क्षेत्र के प्रभारी के रूप में फिर से नियुक्त करने का अनुरोध किया था। मैं सीधी-सादी हूं। मैं पीठ में छुरा घोंपने वाली राजनीति नहीं करती। मुझे पैसे की परवाह नहीं है। केसीआर की तरह मैं भी यहां रहने आई हूं, जाने नहीं।
पार्टी में साजिशें हो रही हैं
इससे पहले पिता केसीआर को लिखा पत्र लीक होने पर के कविता ने आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा, 'दो सप्ताह पहले मैंने केसीआर को एक पत्र लिखा था। मैंने पहले भी पत्रों के माध्यम से उन्हें अपनी राय व्यक्त की थी। मैंने हाल ही में कहा था कि साजिशें हो रही हैं। केसीआर को आंतरिक रूप से लिखा गया मेरा पत्र सार्वजनिक हो गया। पार्टी में हम सभी और तेलंगाना के लोगों को इस बारे में सोचना होगा कि क्या हो रहा है।'
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'केसीआर भगवान हैं, उनके पास कुछ शैतान'
उन्होंने आगे कहा कि तेलंगाना के आधे हिस्से का दौरा करने के बाद अपने पत्र में उन्होंने केवल वही व्यक्त किया है जो लोग सोच रहे हैं और उनका कोई व्यक्तिगत एजेंडा नहीं है। उन्होंने कहा कि इस बारे में सोचने की जरूरत है कि उनके पत्र के सार्वजनिक होने के पीछे कौन है। यह पूछे जाने पर कि उन्होंने जिस साजिश की बात की है, उसे कौन कर रहा है? उन्होंने कहा, 'केसीआर भगवान हैं, लेकिन उनके आसपास कुछ शैतान हैं। उनके कारण बहुत नुकसान हो रहा है। मैं केसीआर की बेटी हूं। अगर मेरे ओर से लिखा गया पत्र आंतरिक रूप से सार्वजनिक हो गया, तो पार्टी में अन्य लोगों के भाग्य पर बहस होनी चाहिए।'