आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पावर्स एक्ट (अफस्पा) के खिलाफ 16 साल बाद भूख हड़ताल खत्म करने वालीं कार्यकर्ता इरोम शर्मिला अब चुनाव लड़कर सीएम बनना चाहती हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि अगर लोगों ने राजनीतिक पारी में साथ नहीं दिया तो वह अपनी निजी पारी शुरू करेंगी।
नागरिक अधिकारों के लिए संघर्ष करने वालीं इरोम शर्मिला ने कहा, 'मैंने अपनी निजी जिंदगी शुरू करने के लिए शर्त रखी है। अगर लोग मेरी राजनीतिक योजना को नकार दिते हैं या फिर मरा साथ छोड़ देते हैं, तब मैं अपनी शादीशुदा जिंदगी का नया अध्याय शुरू करूंगी।' शर्मिला अभी उसी अस्पताल में रह रही हैं जहा वह पिछले दिनों रहकर भूख हड़ताल पर थीं।