2.82 लाख खुदरा सेवा प्रदाताओं (आरएसपी) के माध्यम से आम जनता को ई-टिकटिंग सेवा प्रदान करने में आईआरसीटीसी को तीन साल और लगेंगे। अभी तक केवल 38,500 आरएसपी पंजीकृत हुए हैं।
सूत्रों ने बताया कि भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम के साथ रोजाना केवल 200-300 आरएसपी पंजीकृत हो रहे हैं। इस रफ्तार से 2.82 लाख के लक्ष्य को पाना कठिन है। अभी तक आईआरसीटीसी सेवाओं के लिए हम केवल 38,500 आरएसपी को जोड़ पाए हैं।
सूत्र ने कहा कि इसकी जानकारी आईटी मंत्रालय को दे दी गई है। वहीं आईआरसीटीसी इसे युद्धस्तर पर पूरा करने की तैयारी कर रही है। बता दें कि अधिक व्यापारी डिजिटल भुगतान स्वीकार करें इसके लिए सरकार ने सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी) लांच किए थे। हाल ही में सीएससी की नाम बदलकर ‘डिजिटल सेवा केंद्र’ कर दिया गया था। सीएससी को खासकर ग्रामीण इलाकों में खोलना था। उसका उद्देश्य ऑनलाइन टिकट बुकिंग कराने, आधार पंजीकरण, प्रिंटिंग और प्रमाणन सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक सेवाओं के भुगतान में लोगों की सहायता करना था।
सरकार का दावा है कि 2.92 लाख ऐसे केंद्र देश में कार्यरत हैं। वहीं आईआरसीटीसी इनमें से 2.82 लाख केंद्रों से आरएसपी के माध्यम से ई-टिकटिंग सेवा प्रदान करना चाहती है। सीएससी ने पहले जून, 2017 में एक लाख आरएसपी को मंजूरी दी थी और फिर इस साल मार्च में 1.8 लाख और आरएसपी को मंजूरी दी।