भारत ने ईरान मामले का शांतिपूर्ण समाधान की वकालत की है। भारत का कहना है कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा।
गौरतलब है कि अमेरिका की तरफ से ईरान से परमाणु समझौता रद्द करने के बाद भारत के सामने भविष्य में कई मामलों में परेशानी खड़ी होने की आशंका है। भारत खासतौर पर चाबहार बंदरगाह परियोजना में बाधा पड़ने और तेल की कीमतें बढ़ने से आशंकित है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि भारत हमेशा से ऐसी समस्याओं का शांतिपूर्ण समाधान के पक्ष में रहा है। जहां तक परमाणु समझौता रद्द होने से उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की बात है तो हम अपनी हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएंगे। कुमार ने कहा कि इस निर्णय के कारण भारत के सामने आने वाली दिक्कतों से अमेरिका को भी अवगत कराया जाएगा।
अफगानिस्तान में अगवा भारतीयों की तलाश
बीते दिनों अफगानिस्तान में सात भारतीयों को अगवा किए जाने के मामले में भारत अफगानिस्तान के माध्यम से कई सूत्रों के संपर्क में है। प्रवक्ता ने बताया कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने इस संदर्भ में अपने समकक्षों से फोन पर बात की है। प्रवक्ता ने मामले को बेहद संवेदनशील बताते हुए विस्तृत ब्योरा देने से इंकार किया।