इस्राइल और हमास के बीच जारी युद्ध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार एक-दूसरे पर रॉकेट दागे जा रहे हैं। इस्राइली सेना हमास के आतंकी ठिकानों को तबाह करने में लगा है। इस बीच, भारत में ईरान के राजदूत इराज इलाही ने हमास आतंकवादियों का मुकाबला करने के लिए इस्राइली हमलों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इस्राइली हमलों को गाजा पर आक्रमण करने और वहां पर कब्जे करने का बहाना बताया है।
ईरानी राजदूत ने कहा, ‘यहूदियों को बंधकों के जीवन की चिंता नहीं है। हाल ही में यूएनजीए के प्रस्ताव को स्वीकार करके उनका आदान-प्रदान करने के अवसर के बावजूद, उन्होंने इनकार करने का विकल्प चुना। यह स्पष्ट है कि हमास का मुकाबला करना गाजा पर आक्रमण करने और अपनी बस्तियों व कब्जे का विस्तार करने का एक बहाना है।’
संघर्ष में हारने वाला पक्ष...
उन्होंने कहा कि अमानवीय व्यवहार के कारण शुरुआत से ही इस्राइल इस संघर्ष में हारने वाले पक्ष में रहा है। लेकिन फिर भी वह पीछे हटने को तैयार नहीं है। अब्राहम समझौते के बाद, फलस्तीनियों के खिलाफ हर दिन की हिंसा बढ़ गई है। यहूदी शासन ने न केवल फलस्तीनियों का जीना दुश्वार कर दिया है, बल्कि मस्जिद-अल-अक्सा को भी अपवित्र कर दिया है। इस्राइली फलस्तीनियों की पहचान को कमजोर करने में लगे हुए हैं।
इस्राइल की आलोचना की
ईरानी राजदूत इराज इलाही ने गाजा में जमीनी हमला करने को लेकर इस्राइल की आलोचना की और कहा कि खुद का बचाव करना नैतिक रूप से सही है। साथ ही इस्राइल को समर्थन देने के लिए अमेरिका पर भी कटाक्ष किया। कहा कि अमेरिका साथ देकर संघर्ष को और बढ़ावा दे रहा है। ऐसी परिस्थितियों में, आक्रामकता और उत्पीड़न के खिलाफ खुद का बचाव करना न केवल नैतिक रूप से स्वीकार्य है, बल्कि आवश्यक है। इस संबंध में हमास ने जो किया है उसे आत्मरक्षा के रूप में देखा जा सकता है।
अमेरिका डाल रहा बाधा
इलाही ने कहा कि जो लोग खुद का बचाव कर रहे हैं उनकी हत्या करना बिल्कुल सही विकल्प नहीं है। ईरान सक्रिय रूप से इस क्रूर नरसंहार को समाप्त करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा, 'हमारे अधिकारियों ने अपने समकक्षों के साथ बैठकें की हैं, जिसका उद्देश्य संघर्ष विराम को रोकना या आम लोगों को राहत देना है। हालांकि, हमारे प्रयासों के बावजूद संयुक्त राज्य अमेरिका कब्जा करने वालों का समर्थन करके प्रगति में बाधा डाल रहा है। हमारा विश्वास है कि इस संघर्ष का सही समाधान केवल लोकतांत्रिक तरीकों से और फलस्तीनियों के आत्मनिर्णय के अधिकार को मान्यता देकर ही प्राप्त किया जा सकता है।’
गाजा में संघर्ष खत्म कराने में भारत सक्षम...
भारत की तारीफ करते हुए ईरान के राजदूत इराज इलाही ने कहा है कि गाजा में जारी संघर्ष को खत्म कराने में भारत अहम भूमिका निभाने में सक्षम है। इलाही ने कहा कि भारत हमेशा वैश्विक मंच पर नैतिकता और मानवता का एक दृढ़ गढ़ रहा है। फलस्तीन पर महात्मा गांधी के प्रेरक शब्दों की अमिट छाप हमेशा सामूहिक स्मृति में रहती है। ऐसे में पूरा विश्वास है कि गाजा में जारी नरसंहार पर भारत आंखें बंद नहीं रखेगा। इलाही ने कहा कि चूंकि भारत ग्लोबल साउथ की आवाज बनने की आकांक्षा रखता है, ऐसे में फलस्तीन में लोगों की समस्याओं पर चर्चा करना भारत की जिम्मेदारी है। इन पर बात किए बिना ग्लोबल साउथ की चर्चा आगे नहीं जा सकती।
यह है मामला
गौरतलब है, सात अक्तूबर को हमास ने इस्राइल पर हमला कर दिया था। उसके बाद इस्राइली रक्षा बलों ने जवाबी हमला किया और दोनों के बीच युद्ध छिड़ गया। तब से लेकर अब तक इन हमलों में 10 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।