ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात को नियंत्रित करने के लिए एक नया नियामक निकाय शुरू किया है। यह कदम दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग पर निगरानी और नियमों को सख्ती से लागू करने की दिशा में उठाया गया है। पढ़िए रिपोर्ट-
ईरान ने सोमवार को एक नए नियामक निकाय (रेगुलेटरी बॉडी) शुरू करने की घोषणा की। इसका मकसद रणनीतिक रूप से अहम जलमार्ग 'होर्मुज जलडमरूमध्य' से जुड़ी गतिविधियों का प्रबंधन और निगरानी करना है।
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पीजीएसए का नया एक्स खाता शुरू
ईरान के सर्वोच्च सुरक्षा निकाय 'सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद' ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट को फिर से साझा करते हुए बताया कि फारस की खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण (पीजीएसए) का आधिकारिक एक्स खाता अब शुरू हो गया है।
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पीजीएसए को इसी महीने की शुरुआत में पेश किया गया था। इसे होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री यातायात को नियंत्रित करने के लिए बनाई गई एक नई व्यवस्था बताया गया।
होर्मुज से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी करेगा पीजीएसए
इस घोषणा का मतलब है कि अब होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी गतिविधियों और संचालन की निगरानी के लिए एक अलग और आधिकारिक संस्था स्थापित कर दी गई है। यह जलमार्ग दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से तेल और ऊर्जा की बड़ी आपूर्ति होती है।
समुद्री यातायात के लिए नई व्यवस्था
इस महीने की शुरुआत में ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी ने बताया था कि तेहरान ने इस रणनीतिक जलमार्ग से समुद्री यातायात को नियंत्रित करने के लिए एक नई व्यवस्था को लागू किया है। रिपोर्ट के अनुसार, अब जो भी जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरना चाहते हैं, उन्हें एक ईमेल के जरिये नए नियम और शर्तें भेजी जाएंगी। इसके लिए info@PGSA.ir नाम के ईमेल पते का इस्तेमाल किया जाएगा।
अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच तनाव के कारण व्यवधान
इस प्रणाली के तहत जहाजों को जलडमरूमध्य में प्रवेश करने से पहले निर्देशों का पालन करना और ट्रांजिट परमिट लेना जरूरी होगा। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है और पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका-इस्राइल गठबंधन के बीच तनाव के कारण पहले भी इसमें व्यवधान देखा गया है।
ईरान ने इस पहल को एक संप्रभु प्रशासनिक व्यवस्था बताया है और कहा है कि यह व्यवस्था अब पूरी तरह से लागू हो चुकी है।