भारतीय बच्चों के रक्त में बढ़ रही सीसे (लेड) की मात्रा के कारण उनकी बौद्धिक क्षमता बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा उनमें अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। हाल में ऑस्ट्रेलिया में हुई एक रिसर्च में वैज्ञानिकों के इस पर चिंता जताई है।
ऑस्ट्रेलिया में मैकक्वेरी यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने भारतीयों के खून में सीसे के स्तर को लेकर अब तक का पहला बड़ा विश्लेषण किया है। इसमें पाया गया है कि बीमारी का खतरा पहले के आकलन की तुलना में काफी बढ़ चुका है। इसका बच्चों में बौद्धिक अक्षमता के उपायों पर नकारात्मक असर पड़ता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, आयुर्वेदिक औषधि के अलावा नूडल्स और मसाले समेत इस तरह के अन्य पदार्थ बच्चों के खून में सीसे का स्तर बढ़ाते हैं।