हैदराबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (एसवीपीएनपीए) में प्रशिक्षण ले रहे भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के एक प्रशिक्षु अधिकारी ने सोमवार को कथित तौर पर आत्महत्या की कोशिश की। एक दिन पहले ही उनके खिलाफ अपनी ही बैच की एक महिला प्रशिक्षु अधिकारी के साथ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया था।
अधिकारी की पहचान उदय कृष्णा रेड्डी के रूप में हुई है। आरोप है कि उन्होंने हैदराबाद के मोती नगर में अपने रिश्तेदार के घर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। इसके बाद उन्हें एसआर नगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका आईसीयू में इलाज चल रहा है।
आत्महत्या की कोशिश से पहले उदय कृष्णा रेड्डी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और झूठी अफवाहें फैलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है और उन्हें विश्वास है कि सच सामने आएगा। उन्होंने मीडिया से भी तथ्य जांचने के बाद ही खबर प्रकाशित करने की अपील की।
महिला प्रशिक्षु अधिकारी ने क्या आरोप लगाए?
पुलिस ने रविवार को 30 वर्षीय महिला प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी की शिकायत के आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रशिक्षण के दौरान 23 जून से 10 जुलाई के बीच उदय कृष्णा रेड्डी ने कथित तौर पर उनका उत्पीड़न किया।
महिला अधिकारी ने अत्तापुर थाने में दी गई शिकायत में आरोप लगाया कि उदय कृष्णा रेड्डी ने कथित तौर पर उन्हें आपत्तिजनक संदेश भेजे और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उनका निजी वीडियो बनाया और उसे उनके पति को भेज दिया। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने 23 जून से व्हाट्सएप पर यौन टिप्पणी वाले आपत्तिजनक संदेश भेजकर उन्हें परेशान करना शुरू किया।
महिला अधिकारी ने यह भी कहा कि आरोपी ने अन्य प्रशिक्षु अधिकारियों के सामने उनके बारे में अपमानजनक टिप्पणियां कीं और झूठा आरोप लगाया कि उनका एक अन्य प्रशिक्षु अधिकारी के साथ शारीरिक संबंध है।
शिकायत में यह भी कहा गया कि उदय कृष्णा रेड्डी ने उन्हें धमकाकर और ब्लैकमेल करके उनके निजी संदेश दिखाने के लिए मजबूर किया। आरोप है कि उन्होंने महिला का मोबाइल फोन अपने कमरे में ले जाकर उसका पासवर्ड बताने के लिए दबाव डाला।
आरोप है कि प्रशिक्षु अधिकारी ने महिला की जानकारी के बिना उनका निजी वीडियो रिकॉर्ड किया और बाद में ब्लैकमेल करने के इरादे से वह वीडियो उनके पति को भेज दिया। मामला दर्ज होने के बाद उदय कृष्णा रेड्डी राष्ट्रीय पुलिस अकादमी छोड़कर अपने रिश्तेदार के घर चले गए।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
शिकायत के आधार पर अत्तापुर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 (महिला के खिलाफ आपराधिक बल का प्रयोग), धारा 75 (यौन उत्पीड़न), धारा 77 (झांकना), धारा 78 (पीछा करना), धारा 79 (महिला की मर्यादा का अपमान), धारा 127(2) (गैरकानूनी तरीके से बंधक बनाना), धारा 115(2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना) और धारा 351(2) (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा, सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धारा 66ई (निजता का उल्लंघन) और धारा 67ए (इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से यौन सामग्री का प्रसारण) भी लगाई गई हैं।
कौन हैं उदय कृष्णा रेड्डी?
उदय कृष्णा रेड्डी आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले के उल्लापालेम गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने पिछले वर्ष लोक सेवा परीक्षा में पूरे देश में 350वीं रैंक हासिल की थी और भारतीय पुलिस सेवा में शामिल हुए थे। उन्होंने सरकारी स्कूल में पढ़ाई की और वर्ष 2013 में पुलिस विभाग में कांस्टेबल के रूप में नौकरी शुरू की।
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क्यों चर्चा में रहा उनका सफर?
वर्ष 2018 में उन्होंने लोक सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए पुलिस की नौकरी छोड़ दी। लगातार तीन बार असफल होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। चौथे प्रयास में उन्होंने 780वीं रैंक हासिल की और भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा में शामिल हुए। हालांकि, उनका लक्ष्य आईपीएस अधिकारी बनना था। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने एक और प्रयास किया और इस बार 350वीं रैंक हासिल कर आईपीएस बने।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने की थी तारीफ
कांस्टेबल से आईपीएस अधिकारी बनने तक के उनके सफर की देशभर में सराहना हुई थी। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने 'एक्स' पर लिखा था, उदय कृष्णा रेड्डी का कांस्टेबल से आईपीएस अधिकारी बनने का सफर साबित करता है कि साहस और लगातार मेहनत के दम पर कोई भी सपना बड़ा नहीं होता। उनकी कहानी बताती है कि दृढ़ संकल्प हर बाधा को पार कर सकता है और नई तकदीर लिख सकता है। भविष्य उन्हीं का होता है जो कभी हार नहीं मानते।