आईपीएस अधिकारी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह असम के नए डीजीपी होंगे। वह डीजीपी भास्कर ज्योति महंत की जगह लेंगे। शनिवार को इसकी घोषणा मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने की। बता दें, आईपीएस अधिकारी भास्कर ज्योति इस महीने के अंत में सेवानिवृत्त हो रहे हैं। जीपी सिंह एक फरवरी को कार्यभार संभालेंगे।
सीएम सरमा ने कहा, नए डीजीपी को लेकर गृह विभाग की ओर से शुक्रवार को अधिसूचना जारी कर दी गई है। हालांकि, आधिकारिक आदेश को अभी तक मीडिया के साथ साझा नहीं किया गया है।उन्होंने कहा, बीते कुछ सालों में राज्य ने जो गति हासिल की है, उसे बनाए रखने के लिए हम काम करना जारी रखेंगे।
एनआईए में भी दे चुके हैं सेवाएं
1991 बैच के असम-मेघालय कैडर के आईपीएस अधिकारी जीपी सिंह इससे पहले एनआईए में आईजी के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा वह स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) का भी हिस्सा रह चुके हैं। 2019 से वह असम के अतिरिक्त डीजीपी (कानून और व्यवस्था) के रूप में तैनात थे।
सीएम ने 1200 लोगों को बांटे नियुक्ति पत्र
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी पाने वाले 1200 से अधिक लोगों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। नौकरी पाने वाले 1988 से अलग-अलग कार्रवाई में मारे गए पुलिस कर्मियों के परिवार के सदस्य हैं। सीएम ने कहा, अब तक 41,710 नियुक्तियों के साथ, हम एक लाख सरकारी नौकरियां प्रदान करने के अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं।
बंद का रहा मिलाजुला असर
असम के बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र में बोडो-बहुसंख्यक गांवों को शामिल करने के फैसले के खिलाफ बुलाए गए 12 घंटे के बंद का मिलाजुला असर दिखाई दिया। बता दें, असम सरकार के फैसले के खिलाफ दो छात्र संगठनों ने सोनितपुर बंद का आह्वान किया गया था। पुलिस ने बताया, बंद के दौरान जिले के कुछ इलाकों में दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे और यात्री वाहन सड़कों से नदारद रहे।
मदसरों में सुधार के लिए सरकार और पुलिस मिलकर काम कर रही- डीजीपी
असम के डीजीपी भास्कर ज्योति महंन ने शनिवार को कहा कि राज्य के मदरसों में सुधार के लिए राज्य सरकार और पुलिस मिलकर काम कर रही है। उन्होंने कहा, इसके लिए मुस्लिम समुदाय के नेता भी आगे आए हैं और सरकार और पुलिस को अपना समर्थन दिया है।