रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार को बंगलूरू में आयोजित हिंद महासागर क्षेत्र के सम्मेलन में शामिल हुए। इस सम्मेलन का मुख्य विषय इस बार हिंद महासागर में शांति, सुरक्षा और सहयोग में वृद्धि करना था। इस सम्मेलन में अन्य देशों के रक्षा मंत्री भी शामिल थे।
इस सम्मेलन में राजनाथ सिंह ने कहा कि हम भारत पड़ोसी देशों के साथ मिलकर सामूहिक समुद्री क्षमता के निर्माण के लिए हमेशा से प्रतिबद्ध रहा है और आगे भी रहेगा। उन्होंने कहा कि हम अपने पड़ोसियों की समुद्री सहायता के लिए प्रयासरत रहते हैं।
राजनाथ सिंह ने कहा कि आने वाले समय में चुनौतियों का सामना करने के लिए भारत अपने सभी पड़ोसी देशों के साथ साझेदारी करने के लिए तैयार है। अभी सबसे बड़ा लक्ष्य विकास और समृद्धि के हमारे साझा सपने को हकीकत में बदलना है।
उन्होंने कहा कि जहां तक भारत का संबंध है, हम हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए उत्सुक हैं। इसके लिए भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल सक्रिय हैं।
उन्होंने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र संसाधनों के एक निरंतर स्रोत के रूप में कार्य करता है, विशेष रूप से मत्स्य पालन, जलीय कृषि, महासागर ऊर्जा, समुद्र-बिस्तर खनन और खनिजों के क्षेत्र में। यह समुद्री पर्यटन और शिपिंग गतिविधियों को विकसित करने के लिए जबरदस्त आर्थिक अवसर प्रदान करता है।