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पत्नी और बेटे की मेहनत भी नहीं बचा पाई चिदंबरम को, परिवार से बस आधा घंटा मिलने की छूट

Thu, 22 Aug 2019 09:24 PM IST
Harendra Chaudhary शशिधर पाठक, अमर उजाला
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कांग्रेस नेता पी चिदंबरम (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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राऊज एवेन्यू स्थित सीबीआई की विशेष अदालत और आरोपों के कठघरे में पूर्व केंद्रीय गृह और वित्त मंत्री पी. चिदंबरम। चिदंबरम की पत्नी नलिनी चिदंबरम ने पति को सीबीआई की रिमांड से बचाने के लिए रणनीति बनाने में पूरा जोर लगा दिया। सूत्र बताते हैं कि कार्ति चिदंबरम भी सुबह से ही पिता का केस लड़ रहे वकीलों के संपर्क में थे। दोपहर में जब सीबीआई पी चिदंबरम को लेकर राऊज एवेन्यू पहुंची, तो उस समय तक चिदंबरम चेहरे पर परेशानी जैसा कोई भाव नहीं था। चिदंबरम अदालत परिसर में पहुंचे, अपने वकीलों से मिले और अदालत की परंपरा के अनुसार कठघरे की तरफ बढ़ गए। हालांकि मामले की सुनवाई के बाद जज अजय कुमार ने सीबीआई की मांग को स्वीकार करते हुए उन्हें पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया।

वकील और फैमिली से रोज आधा घंटा मिलने की छूट

अदालत के फैसले में चिदंबरम को अपने वकील और परिवार के सदस्यों से प्रतिदिन आधा घंटा मिलने की छूट दी है। इस तरह से देश के पूर्व वित्त और गृहमंत्री सीबीआई की रिमांड में पहुंच गए हैं। गुरुवार को जब चिदंबरम राऊज एवेन्यू कोर्ट में पहुंचे, तो अदालत का कमरा पूरा खचाखच भरा था। वकीलों में भी खास दिलचस्पी थी। वकील आरके दूबे को भी लग रहा था कि यह एक अनोखा केस है। हाई प्रोफाइल मामला भी है। चिदंबरम ने भी सीबीआई के अधिकारियों से तंज कसते हुए पूछा कि उन्हें उम्मीद थी कि अदालत का कक्ष बड़ा होगा।

चिदंबरम ने मांगी अपना पक्ष रखने की इजाजत

इससे पहले चिदंबरम को सीबीआई अदालत लेकर पहुंचती, लेकिन इसके पहले ही वकील विवेक तनखा पहुंच गए थे। थोड़ी देर में कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी, नलिनी चिदंबरम, कार्ति चिदंबरम समेत अन्य भी पहुंचे। चिदंबरम के वकीलों में से एक की मानें तो उन्हें अदालत की प्रक्रिया शुरू होने के पहले भी रिमांड से राहत मिलने का बहुत कम भरोसा था, लेकिन अदालत में जोरदार तरीके से पक्ष रखा गया। कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी ने पूरा जोर लगा दिया। यहां तक कि पी चिदंबरम भी एक अच्छे वकील हैं। रणनीति के तहत उन्होंने खुद अपना पक्ष रखने की इजाजत मांगी।

सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने किया विरोध

हाालंकि सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने चिदंबरम की इस मांग का विरोध किया, लेकिन जज ने इजाजत दे दी। चिदंबरम ने अपने अंदाज में बेहद सरल तरीके से संयत भाव से अपना पक्ष रखा। सीबीआई के वकीलों ने भी अपना पक्ष रखा, पांच दिन की रिमांड पर चिदंबरम को मांगा और चिदंबरम के वकीलों ने इसका कड़ा विरोध किया। शाम होते-होते सीबीआई की विशेष अदालत का फैसला चिदंबरम के खिलाफ ही आया। अदालत ने अपने फैसले में पी चिदंबरम को पांच दिन की सीबीआई की रिमांड पर दे दिया।

कांग्रेस अध्यक्ष भी ले रही थीं खबर

दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 75वीं वर्षगांठ मनाई जा रही थी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, कोषाध्यक्ष अहमद पटेल, महासचिव प्रियंका गांधी, मोतीलाल बोरा समेत शीर्ष स्तर के कई नेता मौजूद थे। यह वही समय था जब कांग्रेस नेता पी चिदंबरम को सीबीआई की रिमांड से बचाने के लिए वकील अदालत में दलील पेश कर रहे थे। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी वहां जरूर थीं, लेकिन उनका बराबर ध्यान सीबीआई की विशेष अदालत में चल रही सुनवाई पर था। कांग्रेस के तमाम नेता राऊज एवेन्यू स्थित सीबीआई की विशेष अदालत का डेवलपमेंट ले रहे थे।

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