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चिदंबरम जेल में नहीं, चाहते हैं सीबीआई की कस्टडी में रहना, गिरफ्तारी से ये महिला खुश

Fri, 30 Aug 2019 02:52 AM IST
संदीप भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • ईडी ने कोर्ट में कहा कि चिदंबरम को जमानत देने से माल्या, चोकसी, हाफिज मामलों पर पड़ेगा असर
  • अपनी ही बेटी की हत्या के मामले में जेल में बंद इंद्राणी मुखर्जी चिदंबरम की गिरफ्तारी से खुश हैं
  • चिदंबरम को फिर से सीबीआई रिमांड पर नहीं भेजा गया, तो उन्हें शुक्रवार को तिहाड़ जेल जाना पड़ेगा
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विस्तार
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एक अप्रत्याशित आवेदन में पी चिदंबरम ने आईएनएक्स मीडिया मामले में सुप्रीम कोर्ट से 2 सितंबर तक सीबीआई कस्टडी में ही रखने का आग्रह किया है। दरअसल चिदंबरम की सीबीआई रिमांड की अवधि शुक्रवार को खत्म होने वाली है। लिहाजा उन्हें फिर से निचली अदालत में पेश किया जाएगा।

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चिदंबरम को फिर से सीबीआई रिमांड पर नहीं भेजा गया, तो उन्हें शुक्रवार को तिहाड़ जेल जाना पड़ेगा। चिदंबरम का कहना है कि जब तक सुप्रीम कोर्ट सीबीआई रिमांड पर भेजने के आदेश के खिलाफ उनकी याचिका पर सुनवाई नहीं कर लेता तब तक वह कस्टडी में ही रहना चाहते हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि कहा कि वह अपनी बात निचली अदालत में ही रखें। उल्लेखनीय है कि सीबीआई रिमांड पर भेजने के निचली अदालत के फैसले के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई होनी है।

चिदंबरम को जमानत से माल्या, चोकसी, हाफिज मामलों पर पड़ेगा असर : ईडी

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि आईएनएक्स मीडिया मामले में वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम को हिरासत में लेकर पूछताछ जरूरी है। यदि उन्हें अग्रिम जमानत दी गई, तो इसका विजय माल्या, मेहुल चोकसी, नीरव मोदी, हाफिज सईद और जाकिर नाईक के मामलों पर भी असर पड़ेगा। ईडी ने फिर दोहराया कि चिदंबरम के खिलाफ ठोस साक्ष्य हैं।

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जांच एजेंसी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस आर भानुमति और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ से कहा कि ईडी मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े बहुत सारे संवेदनशील हाई प्रोफाइल मामलों की जांच कर रहा है। यदि चिदंबरम की जमानत याचिका को मंजूर किया गया तो यह माल्या, चोकसी के अलावा शारदा चिटफंड और आतंकी फंडिंग जैसे कई मामलों को प्रभावित करेगा।

सुप्रीम कोर्ट में चिदंबरम के वकीलों कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी से बहस के दौरान मेहता ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग पूरे समाज, देश और अर्थव्यवस्था के खिलाफ अपराध है। मेहता ने पीठ से कहा कि आर्थिक अपराध एक गंभीर अपराध है, चाहे सजा कितनी भी हो।

कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून में सात साल की सजा होती है, जो कोई गंभीर अपराध नहीं है। सीआरपीसी के मुताबिक गंभीर अपराध में मृत्युदंड और उम्रकैद की सजा दी जाती है।

इस पर मेहता ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग बेहद ‘गंभीर’ अपराध है। सिब्बल के साक्ष्यों के साथ चिदंबरम से कोर्ट में बहस की बात पर भी मेहता ने आपत्ति जताई और कहा कि यह ‘फिजूल’ है। ऐसा करने से सबूतों को नष्ट किया जा सकता है।



 

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जेल में बंद इंद्राणी चिदंबरम की गिरफ्तारी से खुश

पी चिदंबरम - फोटो : PTI
अपनी बेटी की हत्या के जुर्म में जेल में बंद इंद्राणी मुखर्जी ने आईएनएक्स मीडिया से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम की गिरफ्तारी को ‘अच्छी खबर’ बताया है। उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने चिदंबरम को भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 21 अगस्त को गिरफ्तार किया था।

सत्र अदालत में बेटी शीना बोरा की हत्या के मामले में सुनवाई के लिए पहुंचीं आईएनएक्स मीडिया समूह की पूर्व प्रमोटर इंद्राणी मुखर्जी ने कहा कि चिदंबरम अब चारों ओर से घिर चुके हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि आईएनएक्स मीडिया मामले में ही आरोपी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम की जमानत रद्द होनी चाहिए।

इंद्राणी ने इस मामले में दर्ज कराए अपने बयान में पहले ही कह चुकी हैं कि वह और उनके पति पीटर मुखर्जी ने पी चिदंबरम से उनके नॉर्थ ब्लॉक स्थित कार्यालय में मुलाकात की थी। इंद्राणी ने बयान में यह भी कहा था कि पूर्व वित्तमंत्री ने उनसे बेटे कार्ति चिदंबरम के कारोबार में मदद करने को कहा था।
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