मीडिया समूह में विदेशी निवेश की अनुमति दिलाने के लिए घूस लेने के मामले में पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को 5 दिन की सीबीआई कस्टडी में भेज दिया गया है। कार्ति 6 मार्च तक कस्टडी में रहेंगे।
मालूम हो कि सीबीआई गुरुवार सुबह से ही उनसे पूछताछ कर रही है। उसके बाद सीबीआई ने कार्ति चिदंबरम को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। जहां सीबीआई ने सुनवाई के दौरान कार्ति और उसके सीए भास्करन को जमानत देने का विरोध किया और कोर्ट ने सहमति जताते हुए उनकी कस्टडी बढ़ा दी।
इस मामले में सीबीआई ने कहा कि सारे सबूत उनके खिलाफ हैं, हमारे पास उनके लेन-देन के पुख्ता साक्ष्य हैं। अगर उन्हें जमानत दी गई तो इससे केस प्रभावित होगा। इसके साथ ही सीबीआई ने मांग की है कि कार्ति को 14 दिन की रिमांड पर भेजा जाए। वहीं कार्ति चिदंबरम के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने बहस के दौरान सीबीआई को कुंभकर्ण करार दिया।
इससे पहले बुधवार को कार्ति को सीबीआई की एक दिन का रिमांड पर भेजा गया था। सीबीआई ने कार्ति चिदंबरम को बुधवार को लंदन से लौटने के बाद चैन्नई से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। एजेंसी का आरोप है कि कार्ति ने मीडिया हाउस में विदेशी निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (एफआईपीबी) की अनुमति दिलाने के लिये दस लाख डॉलर की घूस मांगी थी।
मालूम हो कि कार्ति चिदंबरम पर आरोप है कि वर्ष 2007 में जब पी चिदंबरम वित्त मंत्री थे, उस वक्त आईएनएक्स मीडिया कंपनी ने विदेशी निवेश प्रोत्साहन बोर्ड(एफआईपीबी) से क्लीयरेंस लेकर 305 करोड़ रुपये विदेशी फंड प्राप्त किए थे। इसके एवज में कार्ति को रिश्वत मिली थी।