इशरत जहां मामले से संबंधित लापता फाइलों की जांच कर रहे एक सदस्यीय जांच आयोग ने कहा है कि सितंबर 2009 में कागजात ‘जाने या अनजाने में हटाये गए या खो गए’। इस दौरान कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम गृहमंत्री थे।
गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव बीके प्रसाद ने केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि को सौंपी अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि गृह मंत्रालय से गुम हुए इशरत जहां कथित फर्जी मुठभेड़ मामले से संबंधित पांच दस्तावेजों में से केवल एक दस्तावेज मिला है।
जांच समिति ने कहा है, ‘जाहिर है कि दस्तावेज जानबूझकर या अनजाने में हटाए गए या खो गए।’ हालांकि जांच आयोग ने रिपोर्ट में चिदंबरम या तत्कालीन यूपीए सरकार के किसी अन्य व्यक्ति का कोई उल्लेख नहीं किया है।
कांग्रेस नेता चिदंबरम उस समय गृहमंत्री थे। तत्कालीन गृह सचिव जीके पिल्लै समेत 11 सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारियों के बयानों पर आधारित 52 पन्नों की रिपोर्ट में कहा गया है कि दस्तावेज 18 से 28 सितंबर, 2009 के बीच लापता हो गए थे।