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Odisha: मरम्मत के बाद जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार में रखे कीमती सामानों की बनेगी सूची, विधानसभा में बोली सरकार

Sat, 15 Feb 2025 06:09 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर

सार

Odisha: ओडिशा विधानसक्षा में राज्य के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने एक सवाल के जवाब में बताया कि, पुरी जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार में रखे कीमती समानों की सूची रत्न भंडार के मरम्मत के बाद बनाई जाएगी।
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पृथ्वीराज हरिचंदन, ओडिशा के कानून मंत्री - फोटो : ANI
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विस्तार
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ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने शनिवार को राज्य विधानसभा को बताया कि पुरी के जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार में रखे कीमती सामानों की सूची खजाने में चल रहे मरम्मत कार्य के पूरा होने के बाद बनाई जाएगी। बता दें कि, बीजू जनता दल के विधायक तुषारकांति बेहरा के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से स्वीकृत दिशा-निर्देशों के अनुसार 14 जुलाई, 2024 को रत्न भंडार खोला गया था।
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'1978 में गई थी कीमती सामानों की पिछली सूची'
मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने मामले में बताया कि खजाने से आभूषणों को स्थानांतरित करने के बाद, एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) की तरफ से मरम्मत कार्य प्रगति पर है। मंत्री ने कहा, 'मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद आभूषणों की सूची बनाई जाएगी। उसके बाद ही आभूषणों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जा सकेगी।' उन्होंने कहा कि 'रत्न भंडार' के अंदर संग्रहीत कीमती सामानों की पिछली सूची 13 मई से 23 जुलाई, 1978 के बीच बनाई गई थी। 

पुरी के नाम पर 60,426 एकड़ जमीन- हरिचंदन
सदन को दिए गए एक अन्य लिखित बयान में मंत्री हरिचंदन ने कहा कि पुराने भूमि अभिलेखों से एकत्र किए गए आंकड़ों से पता चलता है कि ओडिशा के 30 में से 24 जिलों में श्री जगन्नाथ महाप्रभु बिजे, पुरी के नाम पर कुल 60,426.943 एकड़ जमीन है। उन्होंने कहा कि इन जमीनों में से 38,061.892 एकड़ जमीन वर्तमान में श्री जगन्नाथ महाप्रभु बिजे, पुरी के नाम पर अधिकार अभिलेख में है। 
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मंत्री ने आगे कहा कि मंदिर को वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान राज्य में उपलब्ध भू-संपत्तियों से 33.02 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। इसी प्रकार, पुरी तहसील में 259 भूखंडों में फैली श्री जगन्नाथ महाप्रभु बिजे, पुरी की 607.760 एकड़ भूमि पुरी में प्रस्तावित वेदांत विश्वविद्यालय के लिए अधिग्रहित की गई है और मंदिर कार्यालय को इसके लिए 8.80 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।
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