केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने अंतरिम बजट 2019-20 पेश करते हुए बताया कि सरकार ने 2030 में 10 महत्वपूर्ण आयामों को सूचीबद्ध करके अगले दशक के लिए अपनी परिकल्पना भी प्रस्तुत की है। इसके बारे में वित्त मंत्री ने बताया कि हम आने वाले दशक में एक ऐसे भारत का निर्माण करेंगे जहां गरीबी, कुपोषण, गंदगी और निरक्षरता बीते जमाने की बातें होगी।
उन्होंने कहा कि भारत एक आधुनिक तकनीक से संचालित, उच्च विकास के साथ एक पारदर्शी समाज होगा। भारत अगले पांच वर्षों में पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था होने की ओर है। इसके बाद यह 10 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला देश होगा।
‘परिकल्पना-2030’ के आयाम
1- 10 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था और सुखद जीवन के लिए भौतिक एवं सामाजिक अवसंरचना का निर्माण करना।
2- ऐसे डिजिटल भारत का निर्माण करना जहां युवा वर्ग डिजिटल भारत के सृजन में व्यापक स्तर पर स्टार्ट-अप और लाखों रोजगारों का सृजन करते हुए देश को दिशा दे।
3- भारत को प्रदूषण मुक्त राष्ट्र बनाने के लिए इलैक्ट्रिकल वाहनों और नवीकरण ऊर्जा पर विशेष ध्यान देना।
4- आधुनिक डिजिटल प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करके ग्रामीण औद्योगीकीकरण विस्तार के जरिए बड़े पैमाने पर रोजगारों सृजन करना।
5- देशवासियों के लिए सुरक्षित पेयजल के साथ स्वच्छ नदियां एवं लघु सिंचाई तकनीकों को अपनाने के साथ सिंचाई में जल का सदुपयोग करना।
6- सागरमाला कार्यक्रम की कोशिशों में तेजी लाने के साथ भारत के तटीय एवं समुद्री मार्गों के जरिए देश के विकास को सशक्त बनाना।
7- 2022 तक भारतीय अंतरिक्ष यात्री को अंतरिक्ष में भेजना।
8- सर्वाधिक जैविक तरीके से खाद्यान्न उत्पादन एवं खाद्यान्न निर्यात में भारत को आत्मनिर्भर बनाना। साथ ही दुनिया की खाद्यान्न जरूरतों को पूरा करने के लिए इसका निर्यात करना।
9- 2030 तक स्वस्थ भारत के लिए बेहतर स्वास्थ्य देखभाल एवं व्यापक आरोग्यकर प्रणाली का विकास। इसमें आयुष्मान भारत और महिला सहभागिता भी एक महत्वपूर्ण घटक होगा।
10. भारत को न्यूनतम सरकार, अधिकतम अभिशासन वाले राष्ट्र का स्वरूप देना। इसमें एक चुनी हुई सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले सहकर्मियों और अधिकारियों के अभिशासन को मूर्त रूप दिया जा सकता है।