उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से होने वाले टीजीटी-पीजीटी एवं प्रधानाचार्य पदों के साक्षात्कार में लोक सेवा आयोग में लागू पैटर्न अपनाया जाएगा।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद चयन बोर्ड के अध्यक्ष-सदस्यों एवं अधिकारियों पर लगने वाले पक्षपात के आरोप से छुटकारा मिल सकेगा। चयन बोर्ड की ओर से नई व्यवस्था दो जून से शुरू होने वाले प्रवक्ता पदों के साक्षात्कार में लागू होगा।
चयन बोर्ड के अध्यक्ष हीरालाल गुप्ता का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद साक्षात्कार बोर्ड के सदस्यों एवं विशेषज्ञों यह पता नहीं चल सकेगा कि इस अभ्यर्थी का नाम क्या है, यह कहां का रहने वाला है, इसकी पृष्ठभूमि क्या है।