भारतीय बैकों के 9000 हजार करोड़ के कर्जदार उद्योगपति विजय माल्या के लिए अच्छी खबर है। इंटरपोल विजय माल्या के खिलाफ फिलहाल रेड कॉर्नर नोटिस जारी नहीं करेगा। रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने से पहले इंटरपोल ने प्रारंभिक तौर पर माल्या के खिलाफ आपराधिक मामलों की समीक्षा की।
इंटरपोल ने समीक्षा के दौरान माल्या के खिलाफ ऐसा किसी भी तरह का आपाराधिक मामला नहीं पाया। इंटरपोल का कहना है कि विजया माल्या के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं।
अब इंटरपोल इस मामले में विजय माल्या का पक्ष जानने के लिए उनसे संपर्क कर सकता है। माल्या के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भेजने से पहले इंटरपोल पूरी समीक्षा करेगा और इसमें करीब दो से तीन माह तक का समय लग सकता है।
आपको बता दें कि जब कोई आरोपी भारत छोड़ दूसरे देश चला जाता है तब उसे वापस बुलाने के लिए रेड इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी करता है। रेड कार्नर नोटिस अंतरराष्ट्रीय जगत में वारंट के समान माना जाता है।
गौरतलब है कि इससे पहले सीबीआई ने इंटरपोट से विजय माल्या के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भेजने के लिए कहा था। वहीं प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने भी भारतीय बैंको के करोड़ों रुपये के कर्जदार विजय माल्या के खिलाफ इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की अपील की थी।
बता दें कि विजय माल्या पर भारतीय बैंको का 9000 करोड़ रुपए का कर्ज है।माल्या बीते 2 मार्च को भारत छोड़ लंदन फरार हो गए। कई नोटिस देने के बावजूद भी वे मामले की जांच में पेश नहीं हुए।