इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के बाद भी केरल में आज भी तीन आतंकवादियों और एक महिला सहित आठ भगोड़े खुलेआम घूम रहे हैं। सूची में दो कुख्यात भगोड़े- सुकुमार कुरुप और डॉ एदादी ओमाना भी शामिल हैं।
कई साल पहले जारी किए गए रेड कॉर्नर अलर्ट के बाद भी दशकों से अंतरराष्ट्रीय पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां इन्हें पकड़ने में नाकाम रही हैं। बता दें कि एक बार इंटरपोल द्वारा रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जाने के बाद अपराधियों का विवरण दुनिया भर के हवाई अड्डों के अधिकारियों के साथ साझा किया जाता है, जिससे एक देश से दूसरे देश की यात्रा करना असंभव हो जाता है।
इंटरपोल ने इन्हें जारी किए रेड कॉर्नर नोटिस
इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस सूची में केरल से नाम शामिल हैं। इनमें मलप्पुरम के मोंगम से मोहम्मद हनीफा (45) शामिल हैं। हनीफा पर अत्याधुनिक हथियारों से दंगा करने और हत्या के प्रयास के आरोप है। तिरुवनंतपुरम के कीझाटिंगल के सुधीन कुमार श्रीधरन (56) पर हत्या का आरोप है। अलप्पुझा के चेंगन्नूर के सुकुमारन शिवराम कुरुप (74) पर हत्या और साक्ष्य नष्ट करने का आरोप है। वहीं, कासरगोड के नयनमारमूला के चेरियावीट्टिल सद्दीक (44) पर आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा कन्नूर के कोचुपेडिकायिल साबिर (42) पर विस्फोटक लगाने और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। एर्नाकुलम के चनमपरम्बिल मोहम्मद बशीर (61) पर भी आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। इसके अलावा कासरगोड के कोलांजना मोहम्मद रफीक (34) पर हत्या और कन्नूर के डॉ एदादी ओमाना (69) पर अपहरण, हत्या और सबूत नष्ट करने का आरोप लगा है।
बीमा राशि हड़पने के लिए रचा खुद की हत्या का स्वांग
केरल के सबसे कुख्यात भगोड़ों में से एक सुकुमार कुरुप 1984 से फरार है। उस पर 8 लाख रुपये की बीमा राशि हड़पने के लिए खुद की मौत का ड्रामा रचने का आरोप है। कुरुप ने भाई, अपने ड्राइवर और एक अन्य दोस्त की मदद से हत्या की घटना को अंजाम दिया। उसने एक युवक की हत्या की। पुलिस कुरूप के साथियों को गिरफ्तार करने में कामयाब रही, लेकिन उसका पता नहीं लगा सकी। ओमाना भी पिछले 16 साल से फरार है। 1996 में अपने प्रेमी पी मुरलीधरन की हत्या करने के बाद से फरार हैं। उसने मुरलीधरन के शरीर के कई टूकड़े किए और सूटकेस में भरकर तमिलनाडु के ऊटी तक ले गई। हालांकि उसे गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में जमानत हासिल कर फरार हो गई।
सूची में शामिल आतंकी आरोपियों में से तीन खतरनाक भगोड़े भी हैं, जो कुछ अंतरराज्यीय आतंकी अभियानों का हिस्सा थे। चनमपरम्बिल मोहम्मद बशीर एक आतंकी मामले में आरोपी है, जहां उसके सह-आरोपी हैदराबाद के ऐसे ही चरमपंथी हैं। उसका एक सह-आरोपी हैदराबाद निवासी ताहिर अंसारी (71) भी कई वर्षों से फरार है।