केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक लड़ाई पर जोर दिया। शाह ने कहा कि आतंकवाद की वैश्विक परिभाषा महत्वपूर्ण है, क्योंकि अच्छे आतंकवाद, बुरे आतंकवाद, छोटे आतंकवाद और बड़े आतंकवाद की धारणा (नैरेटिव) एकसाथ नहीं चल सकती।
शाह इंटरपोल की 90वीं वार्षिक आम सभा के समापन समारोह में बोल रहे थे। इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, भारत इंटरपोल (इंटरनेशनल पुलिस) के सबसे पुराने सदस्यों में से एक है। यह संगठन अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए जरूरी है। मैं कानून और सुरक्षा बनाए रखने के लिए दुनियाभर में इंटरपोल के द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करता हूं।
'आतंक विरोधी गतिविधियों के साथ खड़ा रहा भारत'
उन्होंने आगे कहा कि भारत ने इंटरपोल को आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ रीयल-टाइम सूचना कार्रवाई नेटवर्क स्थापित करने की सलाह दी है। गृहमंत्री ने कहा कि भारत हमेशा दुनियाभर में आतंकवाद विरोधी गतिविधियों के साथ खड़ा रहा है।
देश ने स्थापित किया भारतीय साइबर फोरेंसिक केंद्र
शाह ने कहा कि भारत ने बढ़ते साइबर अपराधों की निगरानी के लिए भारतीय साइबर फोरेंसिक केंद्र भी स्थापित किया है। उन्होंने आगे कहा कि आतंकवाद मानवाधिकारों का सबसे बड़ा उल्लंघनकर्ता है।
'सीमा पार आंतकवाद से लड़ने के लिए सहयोग जरूरी'
केंद्रीय गृहमंत्री ने आगे कहा, अपराध अब सीमाहीन हो गए हैं। हमें पारंपरिक अपराधों से ऊपर सोचना होगा। सीमा पार आतंकवाद से लड़ने के लिए सीमा पार सहयोग जरूरी है। इसके लिए इंटरपोल जरूरी है। आतंकवाद की वैश्विक परिभाषा जरूरी है। अच्छे आतंकवाद, बुरे आतंकवाद, छोटे आतंकवाद या बड़े आतंकवादी की कहानियां एक साथ नहीं चल सकती।
नई दिल्ली में आयोजित की गई थी 70वीं इंटरपोल महासभा
इंटरपोल की चार दिवसीय महासभा 18-21 अक्तूबर के बीच नई दिल्ली में आयोजित की गई थी। इसमें 195 सदस्यों देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिसमें देशों के मंत्री, पुलिस और खुफिया प्रमुख, राष्ट्रीय जांच ब्यूरो के प्रमुख और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल थे।
शाह ने पाकिस्तान पर साधा परोक्ष हमला
पाकिस्तान पर परोक्ष रूप से हमला करते हुए शाह ने सीमा पार से कट्टरपंथी, आतंकवादी विचारधाराओं के ऑनलाइन प्रसार से निपटने के लिए दुनियाभर के देशों के बीच आम सहमति बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया।
सीबीआई निदेशक ने कही यह बात
सीबीआई के निदेशक सुबोध जायसवाल ने इंटरपोल की 90वीं महासभा के समापन सत्र में कहा कि वैश्विक खतरों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग संयुक्त और पारस्परिक होना चाहिए। इंटरपोल इंडिया के प्रमुख जायसवाल ने कहा कि आम लोगों के लिए खतरों के कारण दुनिया की स्थिति लगातार कमजोर बनी हुई है, जिसके लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत है।