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इंटरनेट से घाटी में बवाल? सुरक्षा एजेंसियों को मिली पिछले 72 घंटे की रिपोर्ट

Tue, 13 Aug 2019 07:05 PM IST
जितेंद्र भारद्वाज जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
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श्रीनगर में तैनात सुरक्षा बल - फोटो : PTI
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कश्मीर घाटी में इंटरनेट से बवाल मच सकता है, सुरक्षा एजेंसियों को मिली पिछले 72 घंटे की रिपोर्ट इसी तरफ इशारा कर रही है। ईद के पहले दिन कश्मीर सहित घाटी के तीन-चार इलाकों में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवा शुरू करने की पहल की गई थी, लेकिन उसके नतीजे अच्छे नहीं थे। एकाएक कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले मैसेज वायरल होने लगे।

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करीब 170 से ज्यादा ट्विटर अकाउंट, 265 फेसबुक पेज और इंस्टाग्राम पर जो फोटो या मैसेज भेजे गए, वे बवाल मचाने के लिए काफी हैं। खुफिया एजेंसी और सुरक्षा बलों की रिपोर्ट के आधार पर अब घाटी में लंबे समय तक इंटरनेट सेवा को सस्पेंड रखने की तैयारी की जा रही है। सोशल मीडिया में जिस प्लेटफार्म के जरिए लोगों को भड़काने वाले संदेश भेजे जा रहे हैं, केंद्रीय गृह मंत्रालय उनकी जांच कर संबंधित कंपनी को ऐसे अकाउंट बंद करने की सिफारिश करेगा।

अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद से लेकर अभी तक घाटी में इंटरनेट सेवाएं बंद हैं। हालांकि बीच में यह जांचने के लिए कि इंटरनेट शुरू होता है तो उसका इस्तेमाल किस दिशा में होगा, थोड़े समय के लिए विभिन्न इलाकों में इस सेवा पर लग बैन हटा लिया गया था। खासतौर पर ईद के पहले दिन कश्मीर, गांदरबल, बांदीपोरा, बनिहाल और अनंतनाग में इंटरनेट शुरू करने का एक प्रयोग किया गया।
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कुछ ही देर में सुरक्षा एजेंसियों को अपनी भूल का अहसास हो गया। इंटरनेट चालू होते ही सोशल मीडिया पर जमे असामाजिक तत्व सक्रिय हो गए। बवाल मचाने वाले संदेशों का आवागमन शुरू हो गया। करीब एक घंटे बाद इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई। 

कश्मीर में इंटरसेप्ट किए गए कुछ मोबाइल फोन से पता चला है कि उन पर सीमा पार से भी संदेश आए हैं। कई संदेशों में भारतीय सुरक्षा बलों के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। लोगों को भड़काने के लिए झूठी बातें लिखी जा रही थी। इंटेलीजेंस एजेंसी के सूत्र बताते हैं कि दो-तीन माह पहले तक घाटी के जिन इलाकों में पत्थरबाजी की घटनाएं होती रही हैं, वहां के युवाओं को अब दोबारा से इस राह पर लाने का प्रयास हो रहा है। कश्मीर में जो नेता नजरबंद हैं, उनके बारे में भी तरह-तरह की अफवाएं फैलाई जा रही हैं। 

आईबी और रॉ के अलावा मिलिट्री इंटेलीजेंस व नेशनल टेक्नीकल ऑर्गेनाइजेशन (एनटीआरओ) भी जम्मू कश्मीर में सक्रिय हैं। ये अपने अपने तरीके से इंटेलीजेंस रिपोर्ट जुटा रहे हैं। इन सभी एजेंसियों की ताजा रिपोर्ट भी यही बताती है कि घाटी में अभी इंटरनेट सेवा शुरू करना एक बड़ी भूल होगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारी सोशल मीडिया प्लेटफार्म मुहैया कराने वाली कंपनियों के साथ एक बैठक करने की तैयारी कर रहा है। मंत्रालय के अधिकारी बताते हैं कि कश्मीर में इंटरनेट सेवा दोबारा शुरू होने में अभी वक्त लग सकता है। 

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