देश में 50 करोड़ से भी ज्यादा लोग इंटरनेट का प्रयोग करते हैं। जबकि देश में कुल 65 करोड़ से अधिक मोबाइल फोन प्रयोग करने वाले हैं जिसमें 31 करोड़ के करीब स्मार्टफोन प्रयोगकर्ता हैं। ऐसे में सर्वाधिक इंटरनेट प्रयोगकर्ता स्मार्टफोन रखने वाले हैं। दूरसंचार विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक बच्चों को इंटरनेट से दूर करने का इरादा हमारा नहीं है। आधुनिक युग में आसपास हो रहे बदलावों से वह वाकिफ रहें, लेकिन निर्धारित उम्र से पहले उन्हें ऐसी कोई सामग्री मुहैया नहीं होनी चाहिए। जो उनके दिमाग पर बुरा असर डाले और मनोवैज्ञानिक तौर पर वह कमजोर हो जाएं।
उन्होंने कहा कि कई शोध और रिपोर्ट पर गौर करने के बाद सेवा प्रदाता कंपनियों को समुचित उपाय करने को कहा गया है। आने वाले नए साल की पहली तिमाही तक उनसे उठाए गए कदमों के बारे में पूछा जाएगा। इस पर कंपनियों से चर्चा भी की गई थी। वह रजामंद हैं और उम्मीद है कि जल्द सभी इंटरनेट प्रयोगकर्ताओं को ऐसे फिल्टर इंटरनेट सेवा प्रदाता द्वारा मुहैया कराए जाएंगे जिनके माध्यम से वह अपने बच्चों को वयस्क सामग्री से दूर रख सकेंगे। याद रहे कि देश में इसी साल तकरीबन 827 पोर्न वेबसाइट पर प्रतिबंध लगाया गया है। यह कदम सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चल रहे एक मामले में जारी निर्देशों के मद्देनजर उठाया है।
गौरतलब है कि भारत वयस्क या अश्लील कंटेंट देखने के मामले में भारत दुनिया के शीर्ष 20 देशों की सूची में तीसरे नंबर पर है। यह खुलासा एडल्ट वेबसाइट पोर्नहब की रिपोर्ट में हुआ है। उसकी वेबसाइट पर सबसे अधिक देखने वाले अमेरिका के होते हैं, जबकि दूसरे स्थान पर ब्रिटेन का नाम और तीसरे पायदान पर भारत है।