international yoga day 2018
प्रधानमंत्री ने लोगों से कहा कि अगर आप चाहते हैं कि दुनिया आपकी विरासतों और धरोहरों का सम्मान करे, तो पहले आपको उनका सम्मान करना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम खुद अपनी विरासतों और धरोहरों पर गर्व नहीं करेंगे तो और कोई नहीं करेगा। हमें अपनी मूल्यवान धरोहरों का सम्मान करना चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि योग शांत, सृजनात्मक और संतुष्ट जीवन जीने का तरीका है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘योग बतौर व्यक्ति और समाज में आने वाली हमारी समस्याओं का उत्तम समाधान देता है।’’
पीएम मोदी ने कहा, "योग तोड़ता नहीं जोड़ता है, द्वेष की जगह समावेश सिखाता है। कष्टों को बढ़ाने के स्थान पर योग उनसे मुक्ति दिलाता है।" मोदी के कहा कि योग दुनिया के लिए आशा की किरण है। उन्होंने कहा, ‘‘योग सुन्दर है क्योंकि वह पुरातन होते हुए भी आधुनिक है , उसमें ठहराव है फिर भी वह लगातार विकसित हो रहा है।’’
उन्होंने कहा कि योग भारत की समृद्ध विरासत का हिस्सा है। हमें इस पर गर्व करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘तोक्यो से टोरंटो, स्टॉकहोम से साओ पाउलो तक योग लाखों लोगों के जीवन को सकारात्मक तरीके से प्रभावित कर रहा है।’’
प्रधानमंत्री ने लोगों से कहा कि वह ना सिर्फ स्वस्थ बल्कि प्रसन्न और शांतिपूर्ण जीवन के लिए भी योग को अपनाएं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री कल रात यहां पहुंचे। सुबह साढ़े छह बजे वन अनुसंधान संस्थान के परिसर में लोगों को संबोधित करने के बाद मोदी ने उनके साथ योगाभ्यास किया।