कल्पना रमेश के बाद प्रधानमंत्री का ट्विटर अकाउंट संभालने वाली पांचवी महिला का नाम विजया पवार है। अपना परिचय देते हुए उन्होंने लिखा, 'आप सभी ने भारत के विभिन्न क्षेत्रों के हस्तशिल्प के बारे में सुना होगा। मेरे साथी भारतीयों के साथ मैं आपके सामने ग्रामीण महाराष्ट्र में बंजारा समुदाय के हस्तशिल्प प्रस्तुत करती हूं। मैं पिछले दो दशकों से इस पर काम कर रही हूं और हजारों महिलाएं इस काम में मेरा साथ दे रही हैं।'
अपनी कहानी साझा करते हुए उन्होंने लिखा, 'गोरमाटी कला को बढ़ावा देने के लिए पंतप्रधान नरेंद्र मोदी जी ने न केवल हमें प्रोत्साहित किया बल्कि हमारी आर्थिक सहायता भी की। ये हमारे लिए गौरव की बात है। इस कला के संरक्षण के लिए मैं पूरी तरह से समर्पित हूं और महिला दिवस के अवसर पर गौरवान्वित महसूस कर रही हूं।'
आरिफा जान के बाद प्रधानमंत्री का ट्विटर अकाउंट संभालने वाली चौथी महिला का नाम कल्पना रमेश है। अपना परिचय देते हुए उन्होंने कहा कि एक योद्धा बनिए लेकिन अलग तरह से। पानी के योद्धा बनिए। क्या आपने कभी भी पानी की कमी के बारे में सोचा है? हममें से हर कोई सामूहिक रूप से अपने बच्चों के लिए सुरक्षित पानी वाला भविष्य बनाने के लिए कार्य कर सकते हैं। मैं इस तरह अपनी कोशिश कर रही हूं।
अपनी कहानी बताते हुए उन्होंने कहा, 'छोटी कोशिशें बहुत बड़ा असर डाल सकते हैं। पानी एक मूल्यवान चीज है जो हमें विरासत के तौर पर मिली है। हमारी आने वाली पीढ़ियों को इससे वंचित न होने दें। जिम्मेदारी से पानी का उपयोग, वर्षा जल का संचयन करें, झीलों को बचाएं, उपयोग किए गए पानी को रिसाइकल करें और जागरूकता पैदा करें। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मैं चिड़ियों को वापस किसी झील में ला सकती हूं या प्रधानमंत्री के अकाउंट से ट्वीट कर सकती हूं। दृढ़ संकल्प के साथ असंभव को प्राप्त किया जा सकता है। हम जल संसाधनों के प्रबंधन पर सामूहिक कार्रवाई के साथ समुदायों में बदलाव ला सकते हैं। आइये हम परेशानी को खत्म करने वाले बनें।'
केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने कहा, 'महिला दिवस के मौके पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के सभी स्मारकों में आज महिलाएं बिना टिकट के प्रवेश कर सकती हैं।'
वहीं राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भारतीय वायुसेना की पहली महिला फाइटर पायलटों मोहना जीतवाल, अवनी चतुर्वेदी और भावना कांत को 'नारी शक्ति पुरस्कार' प्रदान किया। मशरूम की खेती को लोकप्रिय बनाने के लिए उन्हें 'मशरूम महिला' के रूप में जाना जाता है। वह 5 साल तक टेटियामबंबर ब्लॉक के धौरी पंचायत की सरपंच भी रही हैं।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बिहार की मशरुम महिला के नाम से पहचान बनाने वाली बीना देवी, 103 साल की एथलीट मन कौर और वायुसेना की पहली तीन महिला लड़ाकू विमान पायलटों को नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और स्मृति ईरानी भी मौजूद रहीं।
स्नेहा मोहनदास के बाद अब प्रधानमंत्री के ट्विटर अकाउंट को मालविका अय्यर नाम की महिला संचालित कर रही हैं। अपनी कहानी बताते हुए उन्होंने लिखा, 'स्वीकृति सबसे बड़ा इनाम है जो हम खुद को दे सकते हैं। हम जिंदगी को नियंत्रित नहीं कर सकते लेकिन हम निश्चित रूप से जीवन के प्रति अपने दृष्टिकोण को नियंत्रित कर सकते हैं। दिन के आखिर में मायने यह रखता है कि हमने अपनी चुनौतियां का किस तरह से सामना किया। मेरे बारे में और मेरी कहानी के बारे में जानिए।'
अपनी कहानी साझा करते हुए मालविका ने बताया, '13 साल की उम्र में एक बम धमाके में मैंने दोनों हाथ गंवा दिए और पैर भी बुरी तरह से जख्मी हो गए थे। इसके बावजूद मैंने काम किया और अपनी पीएचडी की पढ़ाई की। किसी चीज को छोड़ देना विकल्प नहीं होता है। अपनी सीमाओं को भूल जाइए और विश्वास और आशा के साथ दुनिया में कदम रखते रहिए। मेरा मानना है कि शिक्षा परिवर्तन के लिए अपरिहार्य है। हमें भेदभावपूर्ण रवैये को लेकर युवाओं के दिमाग को संवेदनशील बनाना होगा। हमें विकलांग लोगों को कमजोर या दूसरे पर निर्भर दिखाने की बजाए उन्हें रॉल मॉडल के तौर पर दिखाना चाहिए। मनोवृत्ति विकलांगता को नष्ट करने की आधी लड़ाई है। माननीय प्रधानमंत्री ने महिला दिवस पर मुझे मेरे विचारों को प्रसारित करने के लिए चुना है। इससे मुझे विश्वास हो गया है कि विकलांगता के मामले में भारत पुराने अंधविश्वासों को खत्म करने के लिए सही रास्ते पर चल रहा है।'
प्रधानमंत्री मोदी ने सात महिलाओं को अपना ट्विटर अकाउंट सौंप दिया है। जिसमें से पहली महिला स्नेहा मोहनदास हैं। वह फूडबैंक नाम से अभियान चलाती हैं जो बेघरों को खाना देने का काम करता है। उन्होंने अपनी कहानी साझा करते हुए लिखा, 'आपने सोचने के लिए खाना जरूरी है के बारे में सुना होगा। अब समय है कि इसपर कार्य किया जाए और गरीबों को एक बेहतर भविष्य दिया जाए। मुझे अपनी मां से प्रेरणा मिली जिन्होंने बेघरों को खाना खिलाने की आदत डाली। मैंने फूडबैंक इंडिया नाम के अभियान की शुरुआत की। भूख मिटाने की दिशा में मैंने स्वयंसेवियों के साथ काम किया जिनमें से ज्यादातर विदेश में रहते हैं। हमने 20 से ज्यादा सभाएं की और अपने काम के जरिए कई लोगों को प्रभावित किया। हमने साथ में मिलकर खाना बनाने, कुकिंग मैराथन, स्तनपान जागरुकता जैसी गतिविधियों की शुरुआत की। मुझे तब सशक्त महसूस होता है जब मैं वह करती हूं जिसका मुझे शौक है। मैं अपने देश के नागरिकों खासकर महिलाओं को आगे आने और मेरे साथ हाथ मिलाने के लिए प्रेरित करना चाहती हूं। मैं सभी से आग्रह करती हूं कि कम से कम एक जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराएं और एक भूख मुक्त ग्रह में योगदान दें।'
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने वादे के अनुसार महिलाओं को अपने सोशल मीडिया अकाउंट सौंप दिए हैं। उन्होंने लिखा, 'अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई। हम अपनी नारी शक्ति की भावना और उपलब्धियों को सलाम करते हैं। जैसा कि मैंन कुछ दिनों पहले कहा था मैं अफने अकाउंट को कुछ समय के लिए छोड़ रहा हूं। पूरे दिन सात महिलाएं अपनी जीवन यात्राएं साझा करेंगी और मेरे सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से संभवत: आपसे बातचीत करेंगी। भारत के सभी हिस्सों में उत्कृष्ट महिलाएं मौजूद हैं। इन महिलाओं ने विभिन्न क्षेत्रों में बाहतरीन काम किया है। उनका संघर्ष और आकांक्षाएं लाखों लोगों को प्रेरित करती हैं। आइये हम इन महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाएं और उनसे सीखें।'
केरल के कोच्ची की रहने वाली अंजू रानी जॉय जो व्हीलचेयर पर रहने को मजबूर हैं लेकिन उनके पास जार उठाने का विश्व रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा, 'मुझे बुरा लगा कि मैं सबसे अलग हूं लेकिन इसके बाद मैंने अपने भविष्य के बारे में सोचा और इस तरह चीजें बदलने लगीं। जार को उठाना पहला कदम था। मैंने यह साबित किया है कि कुछ भी असंभव नहीं होता है।'
तेलंगाना की भूदेवी को आज राष्ट्रपति नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित करेंगे। उन्हें यह सम्मान आदिवासी क्षेत्रों में महिलाओं की मदद करके उनमें उद्यमशीलता का विकास करने के लिए दिया जाएगा।
जम्मू कश्मीर के श्रीनगर की आरफा जान को आज राष्ट्रपति राज्य के खत्म होते शिल्प के पुनरुद्धार में अहम भूमिका निभाने के लिए नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित करेंगे। उन्होंने कहा, 'अपने पिता और पति के समर्थन की वजह से मैं रूढ़िवादी समाज से लड़ने और इस मुकाम तक पहुंचने में सफल रही हूं।'
104 साल की नाम कौर को आज राष्ट्रपति एथलेटिक्स में उनकी उपलब्धियों के लिए नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित करेंगे। उन्होंने दुनिया भर में ट्रैक और फील्ड स्पर्धाओं में 30 से अधिक पदक हासिल किए हैं।
अंशु जमसेनपा, भारत की पहली महिला पर्वतारोही हैं जिन्होंने माउंट अवरेस्ट पर पांच दिन में दो बार चढ़ाई की है। उन्होंने कहा, 'मुझे शुरुआत में किसी का साथ नहीं मिला था लेकिन मैंने अपनी मेहनत से परिवार को धीरे-धीरे मना लिया। आपको खुद में विश्वास करना होगा और सशक्त होने के लिए आश्वस्त रहें।'
मानव संसाधान विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा, 'अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर मैं सभी महिलाओं को अपनी शुभकामनाएं देना चाहता हूं। हम नई शिक्षा नीति के माध्यम से महिला सशक्तीकरण की दिशा में काम कर रहे हैं। आज 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' नए ऊंचाइयों पर पहुंच रही हैं।'
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित करेंगे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करना हमारा सामूहिक लक्ष्य है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, 'भारत की स्त्री शक्ति को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई और शुभकामनाएं। यह दिन हमें महिलाओं को सशक्त बनाने और उनकी उपलब्धियों का जश्न मनाने के तरीकों पर विचार करने का अवसर प्रदान करता है। आइये हम इस अवसर पर महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए खुद को नए तौर से समर्पित करें। हमारी सरकार महिलाओं के लिए नए अवसर और क्षमताएं पैदा कर रही है ताकि वे हमारे समाज के कामकाज में प्रभावी तरीके से भाग ले सकें। महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करना हमारा सामूहिक लक्ष्य, मिशन और महत्वाकांक्षा है।'
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि महिलाओं की निस्वार्थता और बलिदान को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता उन्होंने लिखा, 'अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बधाई। मैं नारी-शक्ति को नमन करता हूं जिन्होंने कई बार हमारे समाज को आकार देने और पोषण करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। महिलाएं हमेशा हमारे जीवन की मशाल वाहक रही हैं, उनकी निस्वार्थता और बलिदान को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व के कारण, भारत में महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास का एक नया युग देखने को मिल रहा है। महिलाएं अब नेतृ्तव करने के लिए आगे आ रही हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, मुद्रा योजना, स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालय, पीएम उज्जवला जैसी योजनाएं उनके जीवन में समग्र परिवर्तन लाए हैं।'
आज पूरी दुनिया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मना रही है। इस मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देश और दुनिया की नारी शक्ति को अपनी शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी को महिलाओं की सुरक्षा और उनका सम्मान सुनिश्चित करना चाहिए ताकि वे बिना रुके अपनी इच्छानुसार जिंदगी जी सकें।
राष्ट्रपति ने ट्वीट करके लिखा, 'अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर मैं भारत और पूरी दुनिया की महिलाओं को शुभकामनाएं और बधाई देता हूं। यह दिन एक बेहतर समाज, राष्ट्र और दुनिया के निर्माण में महिलाओं के अथक प्रयासों और महत्वपूर्ण भूमिका का जश्न मनाने का मौका है। आइये हम सभी महिलाओं की सुरक्षा उनके सम्मान को सुनिश्चित करने की प्रतिज्ञा लें ताकि वे अपनी आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में बिना रुके अपनी इच्छानुसार आगे बढ़ सकें।'