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इंटरनेशनल रेंजर फाउंडेशन: रिपोर्ट में खुलासा- भारत में वन संरक्षकों की मौत सबसे अधिक, सुरक्षा संसाधन भी सीमित

Tue, 08 Aug 2023 06:00 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

वन कर्मियों के पास बिजली या मोबाइल नेटवर्क तक की पहुंच नहीं है। कुछ जगहों पर इनकी एकमात्र उम्मीद सौर पैनल हैं जो मानसूनी सीजन में मुश्किल से ही काम कर पाते हैं। प्रत्येक वनरक्षक हल्का-फुल्का हथियार लेकर हर दिन औसतन 25 किलोमीटर की दूरी तय करता है।
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Can you find a fox in the forest in 8 seconds? - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारत के वन रेंजर, उनके सहायक और प्रहरी जो तस्करों व हमलावरों से जंगली जानवरों की रक्षा करते हैं, चिंताजनक दर से ड्यूटी के दौरान अपनी जान गवा रहे हैं। विश्व स्तर पर वन संरक्षकों की मौतों की सूची में भारत शीर्ष पर है। इंटरनेशनल रेंजर फाउंडेशन के अनुसार जून 2022 से मई 2023 के दौरान देशभर में ड्यूटी के दौरान 40 से अधिक रेंजर्स मारे गए हैं। अधिकांश मामलों में ऐसे रेंजर मारे गए जिनके पास आत्मरक्षा के लिए पर्याप्त हथियार मौजूद नहीं थे।

इस विषय का दूसरा पहलू यह है कि जो रेंजर मारे गए उनमें से अधिकतर अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाले एक मात्र सदस्य थे। ओडिशा में वन रक्षकों की हालिया मौत देशव्यापी संकट को दर्शाती है। सिमिलिपाल नेशनल पार्क के बारीपदा डिवीजन में कार्यरत वन रक्षक चंद्रकांत की मौत हाथियों को तस्करों के चंगुल से बचाने के प्रयास में हुई। तस्करों का सामना करने के लिए चंद्रकांत के पास पर्याप्त हथियार नहीं थे। इसी तरह शिकारियों के हमलों में पिछले 2 महीनों के दौरान दो और वन गश्ती कर्मचारियों की जान चली गई। अधिकतर नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व के घने जंगलों में यह वनरक्षक अपने परिवारों से दूर जंगल के अंदर कई महीने बिताते हैं।

बगैर हथियारों के कर रहे ड्यूटी  

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वन कर्मियों के पास बिजली या मोबाइल नेटवर्क तक की पहुंच नहीं है। कुछ जगहों पर इनकी एकमात्र उम्मीद सौर पैनल हैं जो मानसूनी सीजन में मुश्किल से ही काम कर पाते हैं। प्रत्येक वनरक्षक हल्का-फुल्का हथियार लेकर हर दिन औसतन 25 किलोमीटर की दूरी तय करता है।

वन्य जीवों के साथ ही तस्करों से हर पल बना रहता है खतरा  
रिपोर्ट के अनुसार भारत में वनरक्षक बनना शायद उन बहुत कम नौकरियों में से एक हैं जिसमें जान का खतरा अधिक होता है। यह एकमात्र ऐसा काम है जिसमें हमलावर तस्कर और शिकारियों के साथ-साथ उस जंगली जानवर से आमना-सामना होने का लगातार डर रहता है। अधिकांश स्थान पर जहां ये वनरक्षक काम करते हैं वे सड़क कनेक्टिविटी या मोबाइल नेटवर्क के बिना दूरस्थ हैं। इन वनरक्षकों के लिए हर दिन एक लड़ाई है।

12.20% भूभाग पर हैं वन

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भारत में कुल 12.20% भूभाग पर वन हैं। वन सर्वेक्षण रिपोर्ट 2021 के अनुसार, भारत में कुल वन और वृक्षों का आवरण 80.9 मिलियन हेक्टेयर है, जो देश के भौगोलिक क्षेत्र का 24.62% है। वहीं, भारत में प्रति व्यक्ति वन क्षेत्र 0.29 हेक्टेयर है। रिपोर्ट कहती है कि भारत को अपने अग्रिम पंक्ति के वन कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए रणनीतियों पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है। अब समय आ गया है कि वनों के संरक्षकों की सुरक्षा में अधिक निवेश किया जाना चाहिए।

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