दिल्ली के प्रगति मैदान में चौथा अंतरराष्ट्रीय पुलिस एक्सपो आयोजित किया गया। यह मंच आधुनिक व नवीनतम पुलिस और रक्षा उपकरणों को एक अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करता है। कार्यक्रम में केवल पुलिस ने ही नहीं बल्कि प्रौद्योगिकी डिवेलपर्स, सप्लायर्स और यूजर्स ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के दौरान इसके आयोजक वी के बंसल ने प्रदर्शनी से जुड़े उद्देश्यों को साझा किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का सपना है कि स्मार्ट सिटी की पुलिस भी स्मार्ट होनी चाहिए। वहीं इस एक्सपो में यूपी पुलिस ने भी हिस्सा लिया था। जिसमें मेरठ के आईजी राम कुमार ने पुलिस के जवानों के लिए आधुनिक तकनीकी शस्त्रों की महत्ता बताई। साथ ही उन्होंने बताया कि महिलाओं के लिए सेल्फ डिफेंस किताना जरूरी है।
एक्सपो में इजराइल, अमेरिका, कनाडा, यूके और सिंगापुर के प्रदर्शक भी शामिल हुए। प्रदर्शनी में अत्याधुनिक आग्नेयास्त्रों, निगरानी, साइबर सुरक्षा और फॉरेंसिक से संबंधित उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा इसमें माइन्स डिटेक्टर, स्वचालित निगरानी रखने वाले ड्रोन और तेजी से फॉरेंसिक डिपार्टमेंट में इमेजिस दर्शाने वाले उपकरण भी प्रदर्शित किए गए। साथ ही केंद्र सरकार ने भारतीय पुलिस बल के लिए आधुनिक उपकरणों को खरीदने के लिए 25 हजार करोड़ रुपये का फंड निर्धारित किया।
इस कार्यक्रम की सबसे खास बात ये थी कि यहां उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपनी प्राचीन विरासत, मौजूदा तकनीक और भविष्य की योजनाओं का प्रदर्शन किया। जो दर्शकों को सबसे ज्यादा पसंद आया। यूपी पुलिस ने इसमें 17वीं-18वीं शाताब्दी में सुरक्षा-संरक्षा के लिए प्रयोग की गई केंचुकी बंदूक को प्रदर्शित किया। वहीं इन तकनीक के साथ यूपी-100 की उपलब्धियों को प्रदर्शित कर भविष्य में राजधानी लखनऊ में पुलिस मुख्यालय की इमारत कैसी होगी इसे चित्रों के माध्यम से दर्शाया।