यह जुनून है छा जाने का... देश तब गर्व से भर उठा जब पहली महिला फाइटर पायलट अवनी चतुर्वेदी ने लड़ाकू विमान उड़ाया... लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी के नेतृत्व में नेवी की छह सदस्यीय महिला टीम समंदर के रास्ते दुनिया नापने निकली पड़ी... और गणतंत्र दिवस पर बीएसएफ की 113 महिला बाइकर्स की टुकड़ी 'सीमा भावानी' ने सब इंस्पेक्टर स्टेंजीन नॉरयांग के नेतृत्व में राजपथ पर मोटरसाइकिलों पर अद्भुत करतब दिखाए।
फैसलों में बढ़ी ताकत
राजनीतिक, आर्थिक से लेकर निर्णायक पदों पर जिस तरह से महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है, बात धीरे-धीरे बराबरी तक आने लगी है। सेना से लेकर जिम्मेदारी वाले सारे पदों पर महिलाओं की बढ़ती संख्या से जो संकेत मिलते हैं, उसके नतीजे उत्साहित करने वाले हैं। सामान्य जीवन से लेकर घर परिवार में उनकी राय न सिर्फ बेहद अहम हो गई है बल्कि वे फैसले भी ले रही हैं। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे रिपोर्ट (एनएफएचएस- 4) के आंकड़े बताते हैं कि पुरूष अब 95 फीसदी फैसलों में पत्नियों की राय को प्रमुखता देते हैं। तीन चौथाई महिलाएं परिवार के स्वास्थय संबंधी फैसले ले रही हैं।