पूर्व मंत्री के मुताबिक, 'शाह ने महसूस किया कि शिवसेना को साथ रखने के सभी प्रयास किए जाएं ताकि पार्टी 2014 के प्रदर्शन को दोहरा सके।' पूर्व मंत्री ने कहा कि शिवसेना की गठबंधन बनाने को लेकर एक शर्त यह रखी जा सकती है कि राज्य का मुख्यमंत्री उनकी पसंद का बनाया जाए। उन्होंने कहा, 'मुझे पता चला है कि शिवसेना ने भाजपा नेतृत्व से महाराष्ट्र में कर्नाटक फार्मूला लागू करने को कहा है। कर्नाटक में कांग्रेस के पास ज्यादा सीटें हैं, लेकिन फिर भी उन्होंने जनता दल का नेतृत्व स्वीकार किया।'
वहीं, एनसीपी (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) के प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा, 'भाजपा व शिवसेना का गठबंधन हो या न हो, हमें भरोसा है कि कांग्रेस व एनसीपी मिलकर 28 सीटें जीतेंगे। भाजपा व शिवसेना मिलकर 10 से ज्यादा सीटें नहीं जीत पाएंगे।' वहीं राज्य कांग्रेस प्रमुख अशोक चव्हाण ने कहा कि मोदी लहर समाप्त हो चुकी है। मोदी लहर जैसी कोई चीज अब नहीं है। उन्होंने कहा कि मुझे भरोसा है कि कांग्रेस व एनसीपी मिलकर बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे। वहीं, शिवसेना सांसद संजय रावत ने गठबंधन को लेकर कुछ कहने से इंकार कर दिया।