खुफिया रिपोर्ट और सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास मौजूद लॉन्च पैड में आतंकवादी वापस आ गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के बीच वाशिंगटन में पिछले हफ्ते हुई बैठक से पहले यह आतंकी एलओसी से चले गए थे। पाकिस्तान ने कहा था कि उसके देश ने आतंकियों के सभी लॉन्च पैड को हटा दिया है।
खुफिया रिपोर्ट देखने वाले सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'कुछ दिनों से हमें ऐसी रिपोर्ट्स मिली थीं कि लॉन्च पैड में भारत के अंदर घुसपैठ की तैयारी करने वाले कोई आतंकी मौजूद नहीं है। यह बहुत हैरान करने वाला था क्योंकि मई से अक्तूबर ऐसा समय है जब घुसपैठ की कोशिशें की जाती हैं।' खान ने 22 जुलाई को ट्रंप के साथ मुलाकात की थी। जिसमें पहली बार पाकिस्तान के किसी प्रधानमंत्री के साथ सेना प्रमुख जनरल कमर बाजवा और खुफिया एजेंसी आईएसआई के मुखिया फैज हमीद साथ थे।
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हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली का मूल्यांकन यह है कि पाकिस्तान 2015 के बाद पहली बार किसी उच्च स्तरीय बैठक को खराब न करने के लिए एलओसी पर कोई झड़प नहीं चाहता था। ताजा खुफिया रिपोर्ट के अनुसार एलओसी के लॉन्चपैड पर 200 से 250 आतंकी वापस लौट आए हैं जो भारत में घुसपैठ की कोशिश कर रहे हैं। सेना के अधिकारी ने पुष्टि करते हुए कहा कि मंगलवार को घाटी के गुरेज सेक्टर में हुआ संघर्ष विराम उल्लंघन एक घुसपैठ की कोशिश थी। हमने वहां दो आतंकियों के शव देखे थे।
एक खुफिया अधिकारी ने पुष्टि की कि दो हफ्तों के लिए लॉन्च पैड को खाली करवा गया और उसमें मौजूद आतंकियों को एलओसी के पास मौजूद गांवों में शिफ्ट कर दिया गया था। सेना के अधिकारी ने कहा, 'सीमा पर आतंकी फिर से सक्रिय हो गए हैं और हम संघर्ष विराम के उल्लंघन की अधिक उम्मीद कर रहे हैं।' भारत और पाकिस्तान के बीच गोलीबारी इस सप्ताह तंगधार और केरन सेक्टर में भी बढ़ गई। सुंदरबनी सेक्टर में संघर्ष विराम उल्लंघन के मामले में भारतीय जवान शहीद हो गया था।