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हथियारों एवं नकली नोटों की तस्करी करने वालों की कमर तोड़ेगा इंटेलिजेंस ब्यूरो का ये खास प्लान

Mon, 23 Dec 2019 07:11 PM IST
संदीप भट्ट डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला 
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देश में हथियारों एवं नकली नोटों की तस्करी करने वालों की कमर तोड़ने के लिए इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) खास प्लान तैयार कर रहा है। ये प्लान ऐसा होगा कि जिसके अंतर्गत गैर-कानूनी धंधा कर देश को नुकसान पहुंचाने वाले लोग बच नहीं सकेंगे।

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इसके लिए विश्व की बेहतरीन तकनीक एवं मानवीय इंटेलिजेंस का इस्तेमाल होगा।केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को 32 वें इंटेलिजेंस ब्यूरो के शताब्दी एंडॉवमेंट लेक्चर के दौरान यह संकेत दिया है।

उन्होंने कहा, आईबी ने हमेशा आतंकवाद और नक्सलवाद के प्रति जीरो टोलरेंस सुनिश्चित करने में मदद की है। मानव और हथियारों की तस्करी, सीमा पार से घुसपैठ, नकली भारतीय मुद्रा नोट (एफआईसीएन), हवाला लेन-देन और नशीली दवाओं की तस्करी के साथ-साथ साइबर खतरों की चुनौतियों से संबंधित कड़ियों को जोड़ने की ओर इशारा किया। इन चुनौतियों से निपटने के लिए एक विशेष पहल की जरूरत पर जोर देते हुए उन्होंने साइबर सुरक्षा जैसे विशेष क्षेत्रों में सहयोगी-पेशेवर विशेषज्ञों की जरूरत पर भी बल दिया है।

 

केंद्रीय गृहमंत्री ने आईबी को राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र का 'मस्तिष्क' बताते हुए कहा, इस एजेंसी ने आतंकवाद, नक्सलवाद एवं दूसरी ऐसी ही समस्याओं को खत्म करने में अपना अहम योगदान दिया है। पूर्वोत्तर में आतंकवाद, वामपंथी उग्रवाद और विद्रोह अगले पांच वर्षों में पूरी तरह समाप्त हो जाए, इसके लिए मोदी सरकार निरंतर प्रयासरत है।

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राष्ट्रीय सुरक्षा के विशिष्ट क्षेत्रों में प्रभावी कामकाज हो, इसके लिए अलग अलग सुरक्षा एवं खुफिया एजेंसियों तथा सहयोगी-पेशेवर विशेषज्ञों में तालमेल की जरूरत पर जोर दिया जाएगा।आईबी कर्मियों की सराहना करते हुए अमित शाह ने कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए इस एजेंसी के कर्मचारी और अधिकारी बिना थके व चुप चाप रह कर काम करते हैं।

देश को मजबूत बनाने में इस एजेंसी का बड़ा योगदान है।पिछले पांच वर्षों में आईबी ने कई आतंकी मॉड्यूल्स का खुलासा करने में मदद की है।वर्षों से पूर्वोत्तर में चल रही विद्रोही समूहों की गतिविधियों से बहुत प्रभावी रूप में निपटने के लिए भी आईबी ने विशेष काम किया है।
 

आगामी वर्षों में राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों को सूचीबद्ध करते हुए, विशेष रूप से पांच ट्रिलियन अमरीकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के राष्ट्रीय उद्देश्य की पृष्ठभूमि में, शाह ने देश की भूमि और समुद्रीय सीमाओं को सुरक्षित करने पर विशेष ध्यान दिया है।

इसके लिए आईबी कर्मियों को नई चुनौतियों के समाधान की पहचान करने और इनसे निपटने के नए-नए तरीकों की तलाश करनी होगी।कर्मियों को अपने दृष्टिकोण को और अधिक प्रभावी रूप से बदलना होगा। 
 

विभिन्न सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के बीच तालमेल के महत्व पर जोर देते हुए अमित शाह ने कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियों से निपटने के लिए त्वरित चरणवार और समयबद्ध रणनीति के साथ बड़ी सूचनाओं का तेज खुफिया विश्लेषण करना होगा।

 

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