देश में हथियारों एवं नकली नोटों की तस्करी करने वालों की कमर तोड़ने के लिए इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) खास प्लान तैयार कर रहा है। ये प्लान ऐसा होगा कि जिसके अंतर्गत गैर-कानूनी धंधा कर देश को नुकसान पहुंचाने वाले लोग बच नहीं सकेंगे।
केंद्रीय गृहमंत्री ने आईबी को राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र का 'मस्तिष्क' बताते हुए कहा, इस एजेंसी ने आतंकवाद, नक्सलवाद एवं दूसरी ऐसी ही समस्याओं को खत्म करने में अपना अहम योगदान दिया है। पूर्वोत्तर में आतंकवाद, वामपंथी उग्रवाद और विद्रोह अगले पांच वर्षों में पूरी तरह समाप्त हो जाए, इसके लिए मोदी सरकार निरंतर प्रयासरत है।
आगामी वर्षों में राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों को सूचीबद्ध करते हुए, विशेष रूप से पांच ट्रिलियन अमरीकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के राष्ट्रीय उद्देश्य की पृष्ठभूमि में, शाह ने देश की भूमि और समुद्रीय सीमाओं को सुरक्षित करने पर विशेष ध्यान दिया है।
इसके लिए आईबी कर्मियों को नई चुनौतियों के समाधान की पहचान करने और इनसे निपटने के नए-नए तरीकों की तलाश करनी होगी।कर्मियों को अपने दृष्टिकोण को और अधिक प्रभावी रूप से बदलना होगा।
विभिन्न सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के बीच तालमेल के महत्व पर जोर देते हुए अमित शाह ने कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियों से निपटने के लिए त्वरित चरणवार और समयबद्ध रणनीति के साथ बड़ी सूचनाओं का तेज खुफिया विश्लेषण करना होगा।