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PAK की ना'पाक' साजिश: भारत के रक्षा और वित्तीय ढांचे पर साइबर हमलों की योजना, खुफिया एजेंसियों का अलर्ट

Thu, 02 Apr 2026 01:10 PM IST
Devesh Tripathi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

खुफिया एजेंसियों ने संकेत दिया है कि पाकिस्तान की आईएसआई भारत के महत्वपूर्ण क्षेत्रों को निशाना बनाकर साइबर हमलों को अंजाम दे सकता है। पाकिस्तान इन हमलों में दुष्प्रचार के जरिए अस्थिरता फैलाने की रणनीति पर काम कर रही है, जिसमें रक्षा क्षेत्र प्रमुख लक्ष्य है।
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भारत पर पाकिस्तान के साइबर हमले की आशंका - फोटो : ANI
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विस्तार
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खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत के महत्वपूर्ण रक्षा और वित्तीय ढांचे को निशाना बनाने के लिए बहुस्तरीय साइबर हमलों की योजना बना रही है। इंटेलिजेंस ब्यूरो के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में आईएसआई अधिकारियों ने कई बैठकें कर इन हमलों की रणनीति तैयार की है, जिनका उद्देश्य भारत के अहम संस्थानों को ठप करना और संवेदनशील जानकारी हासिल करना है।
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अधिकारियों के मुताबिक, इन हमलों को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान साइबर फोर्स को सक्रिय किया गया है। साथ ही विभिन्न हैकर समूहों को भी सक्रिय किया गया है, जिससे हाल के दिनों में गतिविधियों में तेजी देखी गई है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के 2025 के आकलन में भी 2026 में पाकिस्तान से जुड़े साइबर हमलों को सबसे बड़ा खतरा बताया गया था।

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कौन से साइबर समूह कर सकते हैं हमला?
सूत्रों के अनुसार, आईएसआई साइबर समूह HOAX1337 और नेशनल साइबर क्रू जैसे समूहों का इस्तेमाल कर भारतीय परिसंपत्तियों को निशाना बनाने की योजना बना रही है। इन समूहों का पहले भी इस्तेमाल किया जा चुका है। खासतौर पर रक्षा क्षेत्र को प्राथमिक लक्ष्य बनाया गया है, जहां सिस्टम को बाधित करने के साथ-साथ गोपनीय सूचनाएं चुराने की कोशिश की जाएगी।

खुफिया एजेंसियों ने यह भी बताया कि आईएसआई का जासूसी नेटवर्क भारत में सक्रिय है, जो रक्षा क्षेत्र के अलावा रेलवे स्टेशनों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी जुटा रहा है। गाजियाबाद पुलिस की जांच में सामने आया कि कुछ लोगों ने सोलर पावर से चलने वाले सीसीटीवी कैमरे लगाकर पाकिस्तान में बैठे संचालकों को लाइव फीड भेजी।

अफवाहों से माहौल बिगाड़ने की कोशिश
अधिकारियों के अनुसार, यह साजिश दोहरे तरीके से संचालित होगी। एक तरफ साइबर हमलों के जरिए रक्षा ढांचे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश होगी। वहीं, दूसरी ओर दुष्प्रचार अभियान चलाकर भ्रम फैलाया जाएगा। चुनावी माहौल को देखते हुए ऐसे अभियानों में तेजी आने की आशंका जताई गई है।

इसके अलावा फर्जी कॉल और संदेशों के जरिए तेल और एलपीजी की कीमतों को लेकर अफवाह फैलाने की योजना भी सामने आई है। इसका मकसद आम लोगों में घबराहट पैदा करना और बाजार में कालाबाजारी बढ़ाना है। शिक्षा और विमानन क्षेत्रों को भी निशाना बनाने की चेतावनी दी गई है, क्योंकि इन क्षेत्रों में अफवाह से तुरंत असर पड़ता है।
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पाकिस्तान खर्च कर रहा मोटी रकम
सरकार द्वारा सोशल मीडिया पर फैल रही गलत सूचनाओं का लगातार खंडन और तथ्य जांच की जा रही है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि आईएसआई इन गतिविधियों पर भारी धनराशि खर्च कर रही है और भारत के खिलाफ माहौल बनाने के लिए पाकिस्तान के मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सहारा लिया जा रहा है।

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